Azamgarh

आजमगढ़ में गोवंश सुरक्षा की अनोखी मुहिम: रेडियम बेल्ट से रोका जा रहा सड़क हादसों का सिलसिला

मेहनाजपुर थानाध्यक्ष और हिंदू महासंघ की संयुक्त पहल; पशु पालकों से अपील – 'गाय माता को सड़क पर न छोड़ें'

आरिफ़ अंसारी, ख़बर भारत

 

आजमगढ़। सड़क पर आवारा घूमते गोवंश अब हादसों का शिकार नहीं होंगे। जिले में बढ़ती दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए मेहनाजपुर थानाध्यक्ष मनीष पॉल और विश्व हिंदू महासंघ युवा प्रकोष्ठ (संगठन) के उपाध्यक्ष तेज प्रताप सिंह ने मिलकर एक नवाचारी कदम उठाया है। दोनों की संयुक्त टीम ने सड़क किनारे घूमने वाले गोवंशों को रेडियम युक्त चमकदार बेल्ट पहनाई है, जो रात में दूर से चमकती है और वाहन चालकों को सतर्क कर देती है।

रात में चमकेगी ‘गौमाता’, वाहन चालक रहेंगे सावधान

रेडियम बेल्ट की यह पहल खासतौर पर रात के समय प्रभावी साबित हो रही है। तेज रफ्तार वाहनों की हेडलाइट पड़ते ही बेल्ट चमक उठती है, जिससे ड्राइवर को पहले से ही गोवंश की मौजूदगी का पता चल जाता है। इससे न केवल पशुओं की जान बच रही है, बल्कि बाइक सवार और छोटे वाहन चालक भी सुरक्षित हो रहे हैं। टीम ने अब तक दर्जनों गोवंशों को यह सुरक्षा कवच प्रदान किया है और अभियान को पूरे जिले में विस्तार देने की योजना है।

पशु पालकों की लापरवाही बनी दुर्घटनाओं की जड़

थानाध्यक्ष मनीष पॉल ने बताया कि जिले में रोजाना गोवंशों के साथ हादसे हो रहे हैं। कई मामलों में पशु पालक दूध निकालने के बाद गायों को सड़क पर खुला छोड़ देते हैं। रात में ये पशु सड़क पर लेट जाते हैं और अचानक सामने आने से वाहन असंतुलित हो जाते हैं। परिणामस्वरूप पशु मरते हैं, वाहन चालक घायल होते हैं और कई बार जान गंवाते हैं।

“गौमाता को सड़क पर छोड़ना सिर्फ लापरवाही नहीं, अपराध है। यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखें।”
– मनीष पॉल, थानाध्यक्ष मेहनाजपुर

सामुदायिक सहयोग से बनेगा हादसा मुक्त आजमगढ़

महासंघ के तेज प्रताप सिंह ने कहा कि यह अभियान केवल पुलिस का नहीं, बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने पशु धन विकास विभाग और गौ सेवा समितियों से सहयोग मांगा है। साथ ही आम जनता से अपील की कि यदि कोई गोवंश सड़क पर दिखे तो तुरंत नजदीकी थाने, पशु चिकित्सालय या गौशाला को सूचित करें।

आगे की योजना: गौशाला संपर्क नेटवर्क और जागरूकता अभियान

– गौशाला हेल्पलाइन शुरू करने की तैयारी
– स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम
– पशु पालकों के लिए मुफ्त चारा वितरण ताकि वे पशुओं को घर पर रखें
– रेडियम बेल्ट अभियान को ग्राम पंचायत स्तर तक विस्तार

यह पहल न केवल गोवंशों की रक्षा कर रही है, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति एक नया संदेश भी दे रही है। आजमगढ़ पुलिस और सामाजिक संगठनों का यह संयुक्त प्रयास जिले को ‘हादसा मुक्त और गौ-सुरक्षित’ बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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