आदर्श ग्राम नागेपुर में इफ्तार का आयोजन: मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की मांगी गई दुआएं
माधवी मिश्रा, वाराणसी

~ आदर्श ग्राम नागेपुर में हुआ इफ्तार पार्टी का आयोजन
~ इफ्तार पार्टी में लोगों ने मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की मांगी गई दुआ
~ आदर्श ग्राम नागेपुर में आयोजित रोजा इफ्तार पार्टी में गंगा-जमुनी तहजीब की झलक
मिर्जामुराद (वाराणसी): प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम नागेपुर स्थित लोक समिति आश्रम में शनिवार को एक भव्य रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर मुल्क में अमन-चैन, आपसी भाईचारे तथा खुशहाली की दुआएं मांगीं। आयोजन में गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत झलक देखने को मिली, जहां हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग एक साथ बैठकर सामाजिक सद्भाव का संदेश देते नजर आए।
लोक समिति और आशा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस इफ्तार पार्टी में मुस्लिम समाज के बुजुर्गों, नौजवानों और महिलाओं की अच्छी-खासी संख्या मौजूद रही। साथ ही हिंदू समाज के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी की, जिससे आपसी सौहार्द और एकता का मजबूत उदाहरण प्रस्तुत हुआ।
पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सांप्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा देते हैं और हमें मिलजुल कर रहने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।
आराजी लाइन प्रधान संघ के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि “इस तरह के प्रयास देश में सर्वधर्म सद्भाव और सामाजिक एकता को और मजबूत बनाते हैं”।
लोक समिति संयोजक नंदलाल मास्टर ने कहा कि पवित्र रमजान का महीना आत्मसंयम, आत्मशुद्धि और इंसानियत का महीना है। यह हमें बुराइयों से दूर रहकर अच्छाई की राह पर चलने की सीख देता है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से ऑल इंडिया बुनकर फोरम के मुहम्मद अकरम, रुस्तम अली, बुढ़ापुर प्रधान संजय यादव, महेंद्र राठौर, सभाजीत यादव, मेहदीगंज प्रधान प्रतिनिधि शकील अहमद, जादूगर रमेश, इमरान, जाकिर हुसैन, अब्दुल्ला, सोहेब अख्तर, नाजमा, बदरून, मैनब, सोनी बानो, शमा बानो, हाजी आजाद भाई, मोहम्मद सज्जाद, अजहरुद्दीन, सबीना, अनीता आशा, सिताबुन, मनीषा, शैलेन्द्र सिंह, अरविंद, श्यामसुंदर, सुनील पंचमुखी, राकेश मास्टर, जितेंद्र सहित सैकड़ों रोजेदार और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल रमजान की रौनक को बढ़ाने वाला रहा, बल्कि सामाजिक एकता और शांति के संदेश को मजबूती प्रदान करने वाला भी साबित हुआ।




