“एक साथ तीन जनाज़े, घर में सन्नाटा: वाराणसी में करंट बना काल”

रिपोर्ट: वीरेंद्र पटेल
वाराणसी। वाराणसी के कैन्ट थानान्तर्गत अर्दली बाजार इलाके में मंगलवार सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जब करंट की चपेट में आकर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में एक बुज़ुर्ग, उनका बेटा और बहू शामिल हैं।
घटना के बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। स्कूल से लौटी मासूम बच्चियां जब मां-बाप को जमीन पर पड़ा देख उन्हें जगाने लगीं, तो यह दृश्य देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।
आंधी के बाद टूटा बिजली का तार बना हादसे की वजह
परिवार मुखिया राजेंद्र जायसवाल (60) अपने दो बेटों और बहुओं के साथ रहते थे। उनका छोटा बेटा सोनू जायसवाल (30) फास्ट फूड की दुकान चलाता था, जबकि बहू प्रीति (28) गृहिणी थीं। सोमवार रात आए आंधी-तूफान में बिजली का एक तार टूटकर उनके घर के आंगन में पड़े लोहे के तार से छू गया था। सुबह प्रीति जब गीले कपड़े सुखाने निकलीं, तो करंट की चपेट में आ गईं।
उन्हें बचाने आए पति सोनू भी बिजली की गिरफ्त में आ गए। चीख सुनकर दौड़े पिता राजेंद्र ने भी दोनों को बचाने की कोशिश की, लेकिन वे खुद भी झुलस गए। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
स्कूल से लौटते ही बच्चियां बोलीं- “मम्मी उठो, हम आ गए…”
सोनू की बेटियां शिवांगी (6) और नैन्सी (4) रोज की तरह स्कूल गई थीं। सोनू ने सुबह खुद उन्हें स्कूल छोड़ा था और लौटते वक्त दोपहर में लेने का वादा किया था। जब बच्चियों को घर लाया गया, तो मां-बाप को जमीन पर देख वे दौड़कर उन्हें उठाने लगीं। छोटी बेटी नैन्सी बोली- “मम्मी उठो, दूध लाओ… हम आ गए…” यह सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं।
4 साल पहले भी इसी घर में करंट से गई थी एक जान
स्थानीय निवासियों ने बताया कि चार साल पहले इसी घर में सोनू के चाचा विपिन जायसवाल की भी करंट लगने से मौत हो गई थी। वे उस वक्त कपड़े प्रेस कर रहे थे, जब प्रेस का तार स्पार्किंग से जल गया और वे उसकी चपेट में आ गए।
परिवार में अब बची हैं सिर्फ दादी, बीमार भाई और मासूम बेटियां
इस हादसे के बाद घर में अब केवल राजेंद्र जायसवाल की मां, मानसिक रूप से बीमार बड़ा बेटा दिनेश और मासूम पोतियां ही रह गई हैं। वृद्ध दादी दुर्गा देवी कभी बेटे, कभी पोते और बहू का नाम लेकर बिलखती रहीं। सदमे में आकर वे बेहोश हो गईं, जिन्हें पड़ोसियों ने होश में लाया।




