एसडीएम रामेश्वर सुधाकर की तत्परता से वृद्ध को मिला इंसाफ, संशोधित खतौनी पाकर भावुक हुए नंदलाल ने जताया आभार
जनता दरबार में गुहार के बाद प्रशासन ने लिया संज्ञान, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कराया निस्तारण, खानपुर के वृद्ध को मिली जमीन की सुधारी हुई खतौनी

आकाश पाण्डेय, गाज़ीपुर
सैदपुर (गाजीपुर): कहते हैं कि अगर इरादा मजबूत हो और आवाज सही जगह तक पहुंचे तो न्याय जरूर मिलता है। कुछ ऐसा ही हुआ खानपुर के लौलहां निवासी वृद्ध नंदलाल प्रजापति के साथ, जिन्हें अपनी ही जमीन को लेकर पिछले कई वर्षों से परेशानी झेलनी पड़ रही थी। अंततः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में की गई शिकायत के बाद उन्हें न्याय मिला।
वृद्ध नंदलाल प्रजापति ने पूर्व में अपनी जमीन का कुछ हिस्सा किसी अन्य व्यक्ति को बेचा था, लेकिन राजस्व अभिलेखों में तकनीकी गड़बड़ी के चलते उनकी पूरी भूमि ही खरीदार के नाम दर्ज हो गई। इस त्रुटि के कारण न केवल उन्हें मानसिक कष्ट झेलना पड़ा, बल्कि जमीन पर उनका स्वामित्व भी सवालों में घिर गया।
थक-हारकर उन्होंने लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री के जनता दरबार में अपनी समस्या रखी। मुख्यमंत्री कार्यालय से आदेश जारी होते ही सैदपुर के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने मामले को गंभीरता से लिया। जांच कराई गई तो वृद्ध की शिकायत सही पाई गई। तत्पश्चात अभिलेखों में आवश्यक संशोधन कराते हुए नंदलाल की खतौनी दुरुस्त करवाई गई।
मंगलवार को एसडीएम कार्यालय में उन्हें संशोधित खतौनी सौंपी गई, जिसे देखकर नंदलाल की आंखें भर आईं।
उन्होंने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और शासन का आभार जताते हुए नंदलाल प्रजापति ने कहा कि, “अब चैन की नींद सो पाऊंगा, मेरी जमीन मेरी हुई।”
यह मामला प्रशासनिक संवेदनशीलता और मुख्यमंत्री के जनसुनवाई तंत्र की सक्रियता का जीवंत उदाहरण है, जिसने एक वृद्ध को उसका हक दिलाया।






