केंद्रीय बजट में मध्यम वर्ग से लेकर उच्च वर्ग तक को राहत, काशी को मिली विशेष सौगात
ख़बर भारत डेस्क

वाराणसी। लोकसभा में आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्र सरकार का सातवां केंद्रीय बजट (2026-27) प्रस्तुत किया। यह उनके कार्यकाल का नौवां बजट रहा। बजट में मध्यम वर्ग से उच्च वर्ग तक सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न राहतें और प्रावधान किए गए हैं। शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य क्षेत्रों में किए गए घोषणाओं को जनहितकारी माना जा रहा है।
बजट को युवा शक्ति से प्रेरित बताया गया है, जिसमें आर्थिक विकास को गति देने के साथ-साथ सामाजिक संतुलन पर भी जोर दिया गया है। कैपिटल एक्सपेंडिचर को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है, जो पिछले वर्ष से अधिक है। फिस्कल डेफिसिट को 4.3% पर नियंत्रित रखने का लक्ष्य है।
इस बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (काशी) को विशेष सौगात मिली है। काशी के विकास को तेज करने के लिए दो प्रमुख हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है:
– दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
– वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
ये कॉरिडोर पर्यावरण-अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देंगे और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगे।
इसके अलावा, वाराणसी में इनलैंड वॉटरवे के लिए शिप रिपेयर इकोसिस्टम (जहाज मरम्मत केंद्र) की स्थापना की घोषणा की गई है। यह सुविधा गंगा नदी आधारित परिवहन को मजबूत करेगी, नए रोजगार अवसर पैदा करेगी और पर्यटन को बढ़ावा देगी।
चार्टर्ड अकाउंटेंट जय पध्दवानी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार ने टैक्स व्यवस्था में राहत देते हुए शेयर मार्केट से जुड़े निवेशकों को भी छूट प्रदान की है। उन्होंने विशेष रूप से काशी के पर्यटन स्थलों के विकास पर जोर देने की सराहना की, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट आर्थिक विकास के साथ सामाजिक संतुलन साधने वाला है। आने वाले समय में इसके सकारात्मक प्रभाव दिखाई देंगे, खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और पर्यटन क्षेत्र में।




