गाजीपुर की बेटी प्राची कश्यप बनीं ‘एक दिन की जिलाधिकारी’, मिशन शक्ति अभियान के तहत दिखाई प्रशासनिक नेतृत्व क्षमता
राहुल पटेल, गाज़ीपुर

~ मिशन शक्ति 5.0 के तहत “एक दिन की डीएम” कार्यक्रम
~ 12वीं की छात्रा प्राची कश्यप को मिली ज़िम्मेदारी
~ जनता दर्शन में की समस्याओं की सुनवाई
~ जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने दी बधाई
~ छात्रा ने जताई भविष्य में प्रशासनिक सेवा में जाने की इच्छा
गाजीपुर, उत्तर प्रदेश: महिला सशक्तिकरण और बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता के विकास को लेकर उत्तर प्रदेश शासन द्वारा चलाए जा रहे “मिशन शक्ति फेज 5.0” के तहत गाजीपुर जिले में “एक दिन की जिलाधिकारी” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, महुआ बाग की कक्षा 12 की छात्रा प्राची कश्यप को एक दिन के लिए जिलाधिकारी (DM) बनने का अवसर दिया गया।
प्राची कश्यप ने जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में भाग लिया, जहाँ उन्होंने आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासनिक पद की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया और अपनी समझदारी, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य यह था कि छात्राओं को प्रशासनिक कार्यों का व्यावहारिक अनुभव कराया जाए ताकि उनमें निर्णय लेने की क्षमता, आत्मनिर्भरता और संवेदनशीलता का विकास हो सके। इससे वे भविष्य में शासन-प्रशासन के कार्यों में भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित हो सकें।
इस अवसर पर गाजीपुर के जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने छात्रा प्राची कश्यप को बधाई दी और कहा कि मिशन शक्ति अभियान का यह अनूठा प्रयास बालिकाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य है कि बालिकाएं सुरक्षित, सम्मानित और स्वावलंबी बनें।
प्राची कश्यप ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “एक दिन की जिलाधिकारी बनना मेरे लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। इस अनुभव से मैंने जाना कि प्रशासनिक पद पर बैठकर जनता की समस्याएं सुनना और उनका समाधान करना कितनी बड़ी जिम्मेदारी है।”
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने यह संदेश दिया कि मिशन शक्ति जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से बालिकाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।




