गाजीपुर में छात्रनेताओं का उग्र प्रदर्शन, स्व. सियाराम उपाध्याय को न्याय दिलाने की मांग तेज
कई नेता हाउस अरेस्ट, फिर भी पहुंचा विरोध जताने वालों का जत्था
राहुल पटेल, गाज़ीपुर
गाजीपुर। छात्रनेता सियाराम उपाध्याय की संदिग्ध पुलिस पिटाई में मौत के विरोध में गाजीपुर में छात्रों और नागरिकों का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर फूटा। मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने सरयू पांडेय पार्क से जुलूस निकालते हुए जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया और जमकर नारेबाज़ी की।
“स्व. सियाराम को न्याय दो”, “हत्यारे पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करो”, “पुलिस अधीक्षक को बर्खास्त करो” जैसे नारों से शहर की फिजा गूंज उठी। प्रदर्शन के दौरान एक संक्षिप्त सभा का आयोजन भी किया गया, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि सीआरओ आयुष चौधरी को सौंपा।
ज्ञापन में उठाई ये प्रमुख मांगें:
- सियाराम उपाध्याय की मौत के जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो
- दोषी पुलिसकर्मियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए
- सियाराम के भाई को सरकारी नौकरी दी जाए
- वृद्ध माता-पिता को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिले
प्रदर्शन के दौरान प्रमुख चेहरे रहे मौजूद
डॉ. शम्मी सिंह, शशांक उपाध्याय, अभिषेक राय, शिवम उपाध्याय, दिवंशु पांडेय, सतीश उपाध्याय समेत दर्जनों छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
पुलिस की रणनीति: हाउस अरेस्ट और दमनात्मक कार्रवाई
प्रशासन ने प्रदर्शन को रोकने की कोशिश में सुबह से ही कई छात्र नेताओं को नजरबंद कर दिया। पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय और पूर्व महामंत्री सुधांशु तिवारी को हाउस अरेस्ट कर, उन पर सोशल मीडिया के माध्यम से कार्यक्रम रद्द होने की झूठी सूचना प्रसारित करने का दबाव डाला गया।
इसके बावजूद, कुछ छात्र नेता और नागरिक प्रशासन की निगरानी को चकमा देते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचे और अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने साफ किया है कि जब तक सियाराम उपाध्याय को न्याय नहीं मिलता, यह आंदोलन जारी रहेगा।




