गाजीपुर में बाढ़ का खतरा गहराया: 53 साल में 25 बार डूबा ज़िला, इस बार 252 गांव अलर्ट पर
प्रशासन ने चिन्हित किए संवेदनशील और अति संवेदनशील गांव, गंगा और सहायक नदियों के बढ़ते जलस्तर से सैकड़ों गांवों में बाढ़ की आशंका

रिपोर्ट: राहुल पटेल।
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश का गाजीपुर जिला एक बार फिर बाढ़ के खतरे की ओर बढ़ रहा है। प्रशासन ने 252 गांवों को चिन्हित किया है जिन्हें इस साल बाढ़ प्रभावित माना जा रहा है। इनमें से 128 गांवों को अति संवेदनशील और 124 को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।
गाजीपुर, जो गंगा नदी के किनारे बसा हुआ है, बीते 53 वर्षों में 25 बार बाढ़ की मार झेल चुका है। यहां हर बार जब गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार करता है, तो मोहम्दाबाद, जमानियां और रेवतीपुर जैसे ब्लॉकों में सबसे पहले तबाही शुरू होती है। यही कारण है कि इस बार पहले से सतर्क प्रशासन ने मॉक ड्रिल, राहत केंद्र, नाव व गोताखोरों की व्यवस्था शुरू कर दी है।
गंगा का सामान्य जलस्तर 59.906 मीटर है, जबकि चेतावनी बिंदु 61.550 मीटर और खतरे का निशान 63.105 मीटर है। साल 2023 और 2024 में जलस्तर 61.570 मीटर तक पहुंच गया था। इस स्तर पर ही जिले के 200 से अधिक गांवों में पानी घुसना शुरू हो जाता है।
इस साल बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने रेलवे, स्वास्थ्य, राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग को एक साथ जोड़ा है। गाजीपुर के अपर जिलाधिकारी और नोडल अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि सभी संवेदनशील गांवों की निगरानी लगातार की जा रही है और समय रहते सभी राहत कार्य सक्रिय कर दिए जाएंगे।
पिछली बाढ़ों से सीख लेकर इस बार रणनीति पहले से सख्त और व्यावहारिक रखी गई है, लेकिन सवाल अब भी यह है कि क्या इस बार बाढ़ आने पर गाजीपुर की 25 बार की पीड़ा दोहराई जाएगी या प्रशासन की तैयारी इस बार हालात पर काबू पा लेगी?




