
गाजीपुर। खानपुर थाना क्षेत्र के खरौना घाट पर शनिवार सुबह गोमती नदी में एक युवक का शव बहता देख इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत खानपुर पुलिस को सूचना दी और मौके पर पहुंची सिधौना चौकी की टीम ने शव को नदी से बाहर निकालकर कब्जे में ले लिया। प्रथम दृष्टया शव की हालत देखकर अनुमान लगाया गया कि मौत दो-तीन दिन पहले हुई होगी। पुलिस शिनाख्त के प्रयासों में जुट गई थी कि तभी तीन दिन से लापता चल रहे सदर कोतवाली क्षेत्र के मिश्र बाजार निवासी नीरज गुप्ता के परिजन चौकी पहुंचे। शव को देखते ही बड़े भाई गुड्डू गुप्ता दहाड़े मारकर रो पड़े और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
नीरज गुप्ता बुधवार देर शाम करीब साढ़े नौ बजे अपनी किराने की दुकान बंद करके घर की ओर निकले थे, लेकिन परिवार को कुछ बताए बिना ही गायब हो गए। देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की और उसी रात सदर कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। चार भाइयों और तीन बहनों में पांचवें नंबर के अविवाहित नीरज परिवार की आर्थिक मदद के लिए दुकान चलाते थे। शनिवार सुबह जैसे ही खरौना घाट पर लावारिश शव की सूचना मिली, सिधौना चौकी इंचार्ज कमलभूषण रॉय अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों की शिनाख्त के बाद मामला और गंभीर हो गया। गुड्डू गुप्ता ने बताया कि करीब तीन साल पहले मोहल्ले में नीरज का किसी व्यक्ति से पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था, जिसे स्थानीय लोगों ने समझा-बुझाकर शांत करा दिया था। हालांकि पुलिस ने अभी इस एंगल पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन सभी पहलुओं से जांच की बात कही जा रही है। थानाध्यक्ष खानपुर राजीव कुमार पांडेय ने बताया कि मामला संज्ञान में है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का पता चल सकेगा।
घटना के बाद नीरज का घर मातम में डूब गया। मां की हालत सबसे गंभीर है, जबकि बहनें और भाई सांत्वना देने वालों के बीच रोते-बिलखते नजर आ रहे हैं। पड़ोसियों का कहना है कि नीरज शांत स्वभाव का मेहनती युवक था और किसी से दुश्मनी नहीं रखता था।




