
चन्दन सिंह, चन्दौली
चंदौली। गंगा नदी पर धानापुर थाना क्षेत्र के नगवा गांव के सामने और गाजीपुर जिले के चोचकपुर घाट को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित पीपा पुल (पॉन्टून पुल) आखिरकार सोमवार से आमजन के लिए खोल दिया गया। पुल के चालू होने से चंदौली, गाजीपुर, बलिया, मऊ, देवरिया, गोरखपुर और बिहार जाने वाले यात्रियों को जबरदस्त सुविधा मिलने लगी है।
65 किमी का चक्कर घटकर सिर्फ 30 किमी रह गया
पुल बंद होने की स्थिति में धानापुर से गाजीपुर जाने के लिए लोगों को करीब 65 किलोमीटर लंबा रास्ता तय करना पड़ता था। अब यह दूरी महज 30 किलोमीटर रह गई है। इससे न सिर्फ यात्रियों का कीमती समय बचेगा बल्कि वाहनों का ईंधन भी काफी कम खर्च होगा। ग्रामीणों ने इसे दिवाली के बाद का सबसे बड़ा तोहफा बताया।
हर साल 15 जून से 14 नवंबर तक रहता है बंद
बाढ़ के खतरे को देखते हुए सेतु निगम हर वर्ष 15 जून से 14 नवंबर तक इस पीपा पुल को पूरी तरह हटा देता है। इन पांच महीनों में लोगों को या तो नाव का सहारा लेना पड़ता था या फिर लंबा वैकल्पिक रूट अपनाना पड़ता था। इस बार तय समयसीमा 15 नवंबर थी, लेकिन एक बड़े क्रूज जहाज को पास कराने की वजह से पुल को दो दिन देर से जोड़ा जा सका।
जनहित में तेजी से पूरा किया गया निर्माण
लोक निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर रामकुमार चौहान ने बताया कि जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुल का निर्माण और जोड़ने का काम रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया। उन्होंने कहा, “लोगों को जल्द से जल्द राहत देने के लिए हमारी टीम ने दिन-रात काम किया। अब नाव की असुविधा और जोखिम से स्थायी निजात मिल गई है।”
इस पुल के शुरू होने से पूर्वांचल के दर्जनों गांवों के अलावा अंतरराज्यीय यातायात भी सुगम हो गया है। स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है और उन्होंने सरकार व विभाग को धन्यवाद दिया है।



