जातिगत जनगणना में आर्थिक-सामाजिक पहलुओं को जोड़ने की मांग, रोजगार अधिकार अभियान की बैठक में लिए गए अहम प्रस्ताव
सरकारी नौकरियों, जमीन, उद्योग और पूंजी की हिस्सेदारी को जनगणना का हिस्सा बनाने की पुरजोर मांग

राजकुमार गुप्ता, वाराणसी
~ रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती और बढ़ी हुई आबादी की जरूरत के मुताबिक पदों का हो सृजन
~ जनगणना में सरकारी नौकरियों में ग्रुप वाईज ब्योरा, जमीन, रोजगार , उद्योग व शेयर बाजार में लगी पूंजी के विवरण के कालम को जोड़ा जाए
~ रोजगार अधिकार अभियान की राष्ट्रीय संचालन समिति की वर्चुअल बैठक हुई
लखनऊ। रोजगार अधिकार अभियान की राष्ट्रीय संचालन समिति की बैठक में जातिगत जनगणना के फैसले को स्वागतयोग्य बताया गया। बैठक में प्रस्ताव पारित कर कहा गया कि जातिगत जनगणना तब तक समाज का वास्तविक स्वरूप नहीं उजागर कर सकती, जब तक उसमें नौकरियों में ग्रुप वाइज हिस्सेदारी, रोजगार के स्तर, जमीन की मिल्कियत, उद्योगों और शेयर बाजार में पूंजी के स्वामित्व जैसे महत्वपूर्ण कॉलम न जोड़े जाएं।
बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों से यह मांग की गई कि सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पदों को तत्काल भरा जाए और जनसंख्या के अनुपात में नए पदों का भी सृजन किया जाए, ताकि युवा वर्ग को रोजगार मिल सके और प्रशासनिक व्यवस्था सुदृढ़ हो।
पहलगाम हमले पर सवाल, निष्पक्ष जांच की उठी मांग
बैठक में पहलगाम आतंकी हमले को लेकर गहरा दुख व्यक्त किया गया। समिति ने कहा कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी भारत सरकार इसका सच सामने लाने में विफल रही है। प्रधानमंत्री द्वारा सर्वदलीय बैठक से दूरी बनाकर चुनावी रैली में शामिल होना लोकतंत्र और संवेदनशीलता का अपमान है। यह भी कहा गया कि इस त्रासदी का उपयोग चुनावी हथियार के रूप में नहीं किया जाना चाहिए।
कॉरपोरेट टैक्स, रिक्त पदों पर भर्ती और सम्मानजनक जीवन का मुद्दा उठा
बैठक में निर्णय लिया गया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और हर नागरिक के सम्मानजनक जीवन के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए अभियान तेज किया जाएगा। देश के 200 बड़े कॉरपोरेट घरानों पर समुचित टैक्स लगाने और रिक्त एक करोड़ पदों की भर्ती को लेकर संवाद को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
बैठक का संचालन अभियान के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर राजेश सचान ने किया। इसमें उत्तर प्रदेश, दिल्ली, वाराणसी, प्रयागराज, अंबेडकर नगर, सोनभद्र, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और लखनऊ से विभिन्न कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। वर्चुअल माध्यम से भी दर्जनों कार्यकर्ता बैठक में शामिल हुए और अपने विचार साझा किए।




