जिला बदर उल्लंघन के मामले में आरोपी सोनू कन्नौजिया को मिली जमानत, कोर्ट ने 25 हजार के निजी मुचलके पर रिहाई के दिए आदेश

ख़बर: पवन सिंह, विधिक पत्रकार
~ गुंडा एक्ट में निरुद्ध सोनू कन्नौजिया को कोर्ट से राहत, 25 हजार के मुचलके पर मिली जमानत,
~ जिला बदर आदेश के उल्लंघन का था आरोप
~ अभियोजन के विरोध के बावजूद कोर्ट ने माना जमानत का आधार पर्याप्त
~ अभियुक्त के विधिक अधिवक्ता शिवम के प्रभावी पक्ष रखते दिलवाई जमानत
वाराणसी, 22 जुलाई 2025 । थाना कैंट, जनपद वाराणसी में दर्ज गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत आरोपी सोनू कन्नौजिया पुत्र रमेश कन्नौजिया को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने अभियुक्त को ₹25,000 के व्यक्तिगत बंधपत्र और सम धनराशि के दो प्रतिभू प्रस्तुत करने की शर्त पर जमानत प्रदान कर दी है।
यह आदेश मु०अ०सं०-400/2025, धारा 3/10 गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत पारित किया गया, जिसमें अभियुक्त पर जिला बदर आदेश के उल्लंघन का आरोप है। अभियुक्त 12 जुलाई 2025 से न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार में निरुद्ध था।
अभियोजन ने जताया विरोध, पर कोर्ट ने माना जमानत का आधार पर्याप्त
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने यह तर्क दिया कि अभियुक्त के खिलाफ थाना कैंट में चार आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह गंभीर प्रकृति के अपराधों में संलिप्त रहा है। अभियोजन अधिकारी ने कोर्ट को सूचित किया कि अपराध अजमानतीय की श्रेणी में आता है और वर्तमान स्तर पर जमानत का प्रबल विरोध किया गया।
वहीं, अभियुक्त के विधिक अधिवक्ता ने पक्ष रखते हुए कहा कि सोनू कन्नौजिया के खिलाफ जिन मामलों का हवाला दिया जा रहा है, उनमें उसे पहले ही जमानत मिल चुकी है और सभी मामले अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं। अधिवक्ता ने यह भी बताया कि संयुक्त पुलिस आयुक्त के न्यायालय द्वारा पूर्व में जमानत दी गई है तथा अपर पुलिस आयुक्त द्वारा आरोपी को 15 मई 2025 से 15 जुलाई 2025 तक जिला बदर किया गया था।
अधिवक्ता ने यह भी कहा कि आरोपी पर लगाया गया अपराध सात वर्ष से कम दंडनीय है और प्रार्थी को फर्जी सूचना के आधार पर इस मामले में फंसाया गया है।
कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद सुनाया फैसला
कोर्ट ने अभियोजन पत्रावली, जिला बदर आदेश और प्रचलित विवेचना सहित सभी पहलुओं का अवलोकन किया और पाया कि जमानत का आधार इस स्तर पर पर्याप्त है। इसके आधार पर सोनू कन्नौजिया को जमानत देने का आदेश पारित किया गया।
कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया कि अभियुक्त को ₹25,000 का व्यक्तिगत मुचलका एवं इतनी ही धनराशि की दो प्रतिभूतियां देने पर जमानत पर रिहा किया जाएगा।




