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जौनपुर के कड़ैला गांव में 70 वर्षीय बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या, आपसी रंजिश की आशंका

खेत के पाही पर सोते वृद्ध पर फायरिंग: रात के अंधेरे में हत्यारों ने दिया घटना को अंजाम, दो कारतूस खोखे...

जौनपुर जिले के सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के कड़ैला गांव में शुक्रवार देर रात एक ऐसी वारदात हुई, जिसने पूरे इलाके को सिहरा दिया। 70 वर्षीय मखन्चू वनवासी अपनी पत्नी के साथ खेत में बने पाही (छप्पर) पर सो रहे थे, जब अज्ञात बदमाशों ने उन पर अचानक हमला बोल दिया। अंधेरे का फायदा उठाकर हमलावरों ने मखन्चू के सीने में गोली मार दी, जो मौके पर ही उनकी जान ले गई।

घटना के बाद पत्नी की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी जुटे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। यह घटना न केवल एक परिवार की जिंदगी उजाड़ गई, बल्कि ग्रामीण इलाकों में बढ़ते अपराध की पोल खोलती है, जहां रातें अब सुरक्षित नहीं रहीं। मखन्चू, जो गांव के एक साधारण किसान थे, अपनी मेहनत से परिवार का पेट पालते थे—अब उनकी अनुपस्थिति में घर में सन्नाटा पसर गया है।

पुलिस का त्वरित एक्शन: एसपी ने गठित की चार स्पेशल टीमें, पुरानी रंजिशों पर नजर, जल्द खुलासे का वादा

घटना की सूचना मिलते ही सरायख्वाजा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। प्रारंभिक जांच में दो कारतूस के खोखे बरामद हुए, जो अपराधियों के निशान के रूप में काम आएंगे। जिला अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चार विशेष जांच टीमों का गठन कर दिया है।

एसपी ग्रामीण आतिश कुमार सिंह ने बताया, “हम सभी संभावित एंगल्स पर काम कर रहे हैं—चाहे पुरानी जमीन रंजिश हो या कोई अन्य विवाद। अपराधियों की गिरफ्तारी जल्द कर ली जाएगा ।” टीमें आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं, गवाहों से पूछताछ कर रही हैं और संदिग्धों की सूची तैयार कर ली है।

परिजनों की तहरीर पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हो गया है। यह सनसनीखेज हत्याकांड जौनपुर के अपराध ग्राफ को बढ़ावा दे रहा है, जहां हाल के महीनों में जमीन और पारिवारिक विवादों से जुड़ी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

परिवार की पीड़ा बयां नहीं: पत्नी की आंखों में आंसुओं का सैलाब, गांव में डर का साया, न्याय की गुहार

मखन्चू की हत्या ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। पत्नी, जो खुद किसी तरह बच गईं, अब सदमे में हैं और बार-बार वही रात की भयावह यादें दोहरा रही हैं। “वह मेरे साथ ही सोए थे, अचानक गोली की आवाज आई और सब खत्म हो गया,” उन्होंने रोते हुए कहा। मखन्चू के दो बेटे और पोते-पोतियां अब अनाथों की तरह बिलख रहे हैं। गांव वाले उन्हें एक सीधा-सादा इंसान मानते थे, जो कभी किसी से दुश्मनी नहीं रखते थे। लेकिन सवाल उठ रहे हैं—क्या यह पुरानी रंजिश का नतीजा है? कड़ैला जैसे छोटे गांवों में जहां जमीन के टुकड़े भी खून के बदले बिकते हैं, ऐसी वारदातें आम हो गई हैं। परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं और प्रशासन से सख्त सुरक्षा का अनुरोध कर रहे हैं।

ग्रामीण इलाकों में अपराध का बढ़ता साया: जौनपुर में हत्याओं का सिलसिला, क्या बनेगी सुरक्षा की नई रणनीति?

यह हत्या जौनपुर जिले में हाल की तीसरी ऐसी घटना है, जहां बुजुर्गों को निशाना बनाया गया। चाहे वह जमीन विवाद हो या व्यक्तिगत दुश्मनी, अपराधी रात के अंधेरे में घुसपैठ कर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण पुलिसिंग में कमी और सीमित संसाधन इसकी मुख्य वजह हैं। एसपी डॉ. कौस्तुभ ने आश्वासन दिया कि जल्द ही अपराधियों को सलाखों के पीछे डाला जाएगा, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह वादा परिवार की खोई हुई हंसी लौटा पाएगा? कड़ैला गांव आज शोक में डूबा है, जहां हर घर में डर का माहौल है। प्रशासन को अब न केवल इस मामले का खुलासा, बल्कि पूरे जिले में नाइट पेट्रोलिंग बढ़ाने की जरूरत है, ताकि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो। मखन्चू की मौत सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक परिवार की बिखरी हुई जिंदगी की कहानी है, जो न्याय की प्रतीक्षा में तड़प रही है।

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