डीडीयू जंक्शन पर हादसे को दावत दे रही रेल कर्मचारियों की लापरवाही
जर्जर उपकरणों से हो रही फ्यूलिंग, नालियों में बह रहा सैकड़ों लीटर डीज़ल

रंधा सिंह, चन्दौली
चन्दौली: डीडीयू जंक्शन पर रेल प्रशासन की गंभीर लापरवाही सामने आ रही है, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। रेलवे इंजनों की फ्यूलिंग के दौरान जर्जर हाइड्रेंट और होज पाइपों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे सैकड़ों लीटर डीज़ल व्यर्थ बहकर नालियों में चला जाता है।
जानकारी के अनुसार, फ्यूलिंग के लिए लगाए गए मैकेनिकल प्रेशर पंप की क्षमता एक मिनट में लगभग 300 से 400 लीटर डीज़ल भरने की है। ऐसे में जब 5 से 6 हजार लीटर डीज़ल भरा जाता है, तो काफी देर तक हाइड्रेंट और पाइप से तेज़ी से डीज़ल बाहर गिरता रहता है। इससे न केवल सरकारी ईंधन की भारी बर्बादी हो रही है, बल्कि स्टेशन परिसर में गंभीर अग्नि दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है।
रेल कर्मचारियों की लापरवाही के चलते बहता हुआ डीज़ल नालियों और ट्रैक क्षेत्र तक पहुँच रहा है। किसी भी समय चिंगारी या तकनीकी खराबी से भीषण आग लग सकती है, जिससे यात्रियों, कर्मचारियों और रेलवे संपत्ति को भारी नुकसान होने की आशंका है।
चौंकाने वाली बात यह है कि रेलवे में संरक्षा के लिए अलग विभाग और तैनात अधिकारी होने के बावजूद इस अघोषित खतरे पर कोई ठोस ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वरीय मंडल संरक्षा अधिकारी द्वारा भी इस गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर सुरक्षा मानकों की निगरानी कौन कर रहा है।
स्थानीय रेल कर्मियों और जानकारों का कहना है कि यदि समय रहते उपकरणों की मरम्मत, पाइपों का प्रतिस्थापन और फ्यूलिंग प्रक्रिया की सख्त निगरानी नहीं की गई, तो डीडीयू जंक्शन पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
अब जरूरत इस बात की है कि रेलवे प्रशासन तत्काल संज्ञान लेकर दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई करे और जर्जर फ्यूलिंग व्यवस्था को दुरुस्त कर यात्रियों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।




