प्रसव के दौरान बिगड़ी हालत, बिना जानकारी रेफर; परिजनों ने लगाया लापरवाही और पैसों की मांग का आरोप
राहुल पटेल, ख़बर गाज़ीपुर

गाज़ीपुर। कासिमाबाद कोतवाली क्षेत्र के कासिमाबाद-बहादुरगंज मार्ग स्थित बांका मोड़ पर गुरुवार देर रात परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। आरोप है कि एसके हॉस्पिटल संचालक और स्टाफ की लापरवाही के चलते 23 वर्षीय प्रसूता दया साहनी की मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने शव रखकर अस्पताल के सामने प्रदर्शन किया और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।
ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत
बहादुरगंज वार्ड नंबर 7 निवासी दया साहनी, जिनका विवाह मऊ जिले के कोटवा कोपड़ा निवासी लक्ष्मण साहनी से हुआ था, को 16 सितंबर को आशा कार्यकर्ता उषा साहनी और एनम जयमाला सिंह अस्पताल में भर्ती कराईं। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद दया की हालत बिगड़ गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें बिना जानकारी दिए मऊ रेफर कर दिया। वहीं इलाज के दौरान दया की मौत हो गई।
लगातार पैसों की मांग का आरोप
मृतका के परिजनों ने कहा कि इलाज के दौरान अस्पताल की ओर से लगातार पैसों की मांग की जाती रही। भर्ती के समय 10 हजार रुपये काउंटर पर जमा कराए गए थे। परिजन अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और शोषण का आरोप लगा रहे हैं।
प्रशासन की सख्ती
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम लोकेश कुमार मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन देकर देर रात मामला शांत कराया। कासिमाबाद कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नंदकुमार तिवारी ने बताया कि मृतका के पति की तहरीर पर आशा कार्यकर्ता उषा साहनी, एनम जयमाला सिंह यादव, अस्पताल संचालक वाहिदयार खान उर्फ पिंटू, डॉ. राकेश चौधरी और डॉ. शमा के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
एसडीएम ने कहा कि जांच का जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।




