बिहार चुनाव से पहले चंदौली रेलवे स्टेशन पर जीआरपी की बड़ी कार्रवाई, 24.40 लाख नकदी के साथ संदिग्ध युवक हिरासत में
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनभिज्ञ दिखे जीआरपी इंस्पेक्टर, अस्पष्ट जवाबों ने खड़ी की जांच पर सवाल, आयकर विभाग को सौंपी गई फाइल

रंधा सिंह, चन्दौली
चंदौली। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए रेलवे सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। इसी क्रम में शनिवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन पर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने अमृतसर-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन में चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध युवक के बैग से 24 लाख 40 हजार रुपये की भारी नकदी बरामद की। युवक ने अपना नाम घनश्याम वर्मा, निवासी मऊ जिला बताया, लेकिन पूछताछ में धन के स्रोत या वैध दस्तावेज दिखाने में पूरी तरह विफल रहा। जीआरपी ने युवक को हिरासत में ले लिया और नकदी को जब्त कर आयकर विभाग को सूचना दे दी गई है। यह कार्रवाई बिहार चुनाव में काला धन तस्करी रोकने के व्यापक अभियान का हिस्सा है, जो रेलवे ट्रेनों और स्टेशनों पर सघन जांच को दर्शाती है।
चेकिंग के दौरान संदिग्ध व्यवहार पर पड़ी नजर, बैग से निकली नोटों की गड्डियां
सूत्रों के अनुसार, ट्रेन वाराणसी से बिहार की ओर जा रही थी और डीडीयू जंक्शन पर उतरते समय युवक की संदिग्ध गतिविधियों ने टीम को आकर्षित किया। काले पिट्ठू बैग की तलाशी में पांच-पांच सौ के नोटों की गड्डियां भरी मिलीं, कुल 24,40,000 रुपये। युवक से जब धन का उद्देश्य और गंतव्य पूछा गया, तो वह टालमटोल करता रहा। जीआरपी इंस्पेक्टर एसके सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने तुरंत कार्रवाई की और दोपहर करीब 12 बजे थाने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। हालांकि, यह कॉन्फ्रेंस कई सवालों के घेरे में आ गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनभिज्ञता ने उजागर की पुलिस की कमियां, पत्रकारों के सवालों पर चुप्पी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक पत्रकार ने जब सवाल किया कि युवक को किस प्लेटफॉर्म से पकड़े जाने या मऊ जिले के किस इलाके का निवासी होने के बारे में पूछा, तो इंस्पेक्टर सिंह ठोस जवाब न दे सके। लगातार सवालों से असहज होकर उन्होंने केवल इतना कहा कि जांच जारी है और संबंधित एजेंसियों को सूचित कर दिया गया है। स्थानीय पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे पुलिस की तैयारी की कमी करार दिया। उनका कहना है कि इतनी बड़ी राशि बरामद होने पर स्रोत, उपयोग और संबंधों की प्रारंभिक जांच के बाद ही मीडिया को जानकारी दी जानी चाहिए। बिना पूर्ण विवरण के कॉन्फ्रेंस बुलाना न केवल विभागीय समन्वय पर सवाल खड़े करता है, बल्कि पेशेवर दक्षता पर भी।
आगे की जांच में संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा, चुनावी माहौल में बढ़ी सतर्कता
फिलहाल, जीआरपी ने आयकर विभाग और अन्य जांच एजेंसियों के साथ मिलकर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि बरामद नकदी किसी वैध व्यावसायिक लेनदेन से जुड़ी है या चुनावी हवाला और संदिग्ध गतिविधियों का हिस्सा। बिहार चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के रेलवे स्टेशनों पर ऐसी चेकिंग अभियान तेज हो गए हैं, जो नकदी तस्करी रोकने में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। यह घटना न केवल सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती दिखाती है, बल्कि पुलिस की आंतरिक कमियों को भी उजागर करती है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।




