
वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र के मलदहिया इलाके में स्थित विनायक प्लाजा के ‘माय टेबल’ लाउंज बार से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। देर रात करीब 1:30 बजे बिहार के मधेपुरा निवासी 30 वर्षीय युवक सूरज सिंह पांचवीं मंजिल से नीचे गिर पड़े। गंभीर रूप से घायल सूरज की मौके पर ही मौत हो गई। सूरज वाराणसी के रामकटोरा इलाके में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े थे और रेस्टोरेंट में दोस्तों के साथ मौज-मस्ती करने गए थे। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया, और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, लेकिन सवालों का दौर अभी थमा नहीं है।
परिजनों का गंभीर आरोप: बाउंसरों ने धक्का देकर फेंका, गुंडागर्दी की हद पार
मृतक सूरज के परिजनों ने रेस्टोरेंट के बाउंसरों पर हत्या का सीधा आरोप लगाया है। उनका दावा है कि सूरज और उनके साथी रेस्टोरेंट में अचानक हुई किसी छोटी-मोटी बहस में फंस गए, जहां बाउंसरों ने गुंडागर्दी दिखाते हुए उन्हें बुरी तरह पीटा और फिर जानबूझकर पांचवीं मंजिल से धक्का देकर नीचे फेंक दिया। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, सूरज रेस्टोरेंट के बिल को लेकर स्टाफ से उलझे थे, जिस पर बाउंसरों ने आक्रामक रुख अपनाया। “वे शराब के नशे में धुत थे और किसी को भी सबक सिखाने के चक्कर में लगे रहते हैं,” परिजनों ने पुलिस को बताया। सूरज की पत्नी ने रोते हुए कहा, “मेरा पति कभी किसी से दुश्मनी नहीं रखता था, ये बाउंसरों की साजिश है।” यह घटना ‘माय टेबल’ के बाउंसरों की लंबे समय से चली आ रही गुंडागर्दी का एक और उदाहरण है, जहां ग्राहकों को धमकाना और हिंसा आम बात हो चुकी है।
फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ-साथ इमारत में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फिलहाल पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया कि यह हादसा था या बाउंसरों के धक्का देने के कारण से युवक नीचे गिरा। सिगरा पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
फोरेंसिक टीम और पुलिस की जांच: सीसीटीवी फुटेज से खुलेगा राज, बाउंसरों पर शिकंजा
सूचना पाते ही सिगरा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और फोरेंसिक विशेषज्ञों के साथ साक्ष्य संग्रहण शुरू कर दिया। पुलिस ने रेस्टोरेंट के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए हैं, जिसमें बाउंसरों की हरकतें साफ नजर आ सकती हैं। प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जैसे कि रेस्टोरेंट में देर रात तक अवैध शराब परोसना और ग्राहकों पर मनमाने ढंग से बाउंसरों का राज। एक गवाह ने बताया कि बाउंसरों ने सूरज को बाल्टी पकड़कर घसीटा था, इससे पहले कि वे गिरते। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और बाउंसरों समेत रेस्टोरेंट मैनेजमेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। एसपी सिटी ने कहा, “हमारी जांच निष्पक्ष होगी, अगर हत्या साबित हुई तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
बनारस के क्लबों में मानक के विपरीत रातभर चलता है शराब का दौर: आबकारी और पुलिस की मिलीभगत पर सवाल
यह घटना वाराणसी के नाइटलाइफ को लेकर उठते सवालों को और गहरा देती है। ‘माय टेबल’ जैसे क्लबों पर अवैध शराब बिक्री और रात 11 बजे के बाद भी दो-तीन बजे तक संचालन का आरोप लंबे समय से लगता रहा है। आबकारी विभाग के नियमों के उल्लंघन के बावजूद ये क्लब बेखौफ चल रहे हैं, जिससे संदेह होता है कि स्थानीय पुलिस और आबकारी अधिकारियों की इनसे सांठगांठ है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी जगहों पर बाउंसरों को लाइसेंस के बिना ही तैनात किया जाता है, जो हिंसा को बढ़ावा देते हैं। सूरज जैसी घटनाएं न्याय की मांग को तेज कर रही हैं, लेकिन जब कानून के रखवाले ही लापरवाह हों, तो आम आदमी की क्या उम्मीद बचे? परिजनों ने जिलाधिकारी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है, और सोशल मीडिया पर #JusticeForSurajSingh ट्रेंड कर रहा है।
यह दर्दनाक हादसा न केवल एक परिवार को बर्बाद कर गया, बल्कि वाराणसी के युवाओं के सुरक्षित मनोरंजन पर भी सवाल खड़े कर दिया। पुलिस को जल्द ही बाउंसरों की गुंडागर्दी उजागर करनी होगी, वरना ऐसी घटनाएं रुकने का नाम नहीं लेंगी।




