Chandauli

मिठाई कारखाने में भीषण आग: घनी आबादी के बीच चल रहे कारखाने में बड़ी लापरवाही, हो सकता था बड़ा हादसा

रंधा सिंह, चंदौली

चंदौली, 9 मार्च 2026: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र में जीटी रोड पर स्थित प्रसिद्ध रसकुंज मिठाई की दुकान के ऊपरी तल पर संचालित कारखाने में रविवार की देर रात भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना करीब 1 बजे रात की बताई जा रही है, जब आग की लपटें आसमान छूने लगीं। सौभाग्य से फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से आग पर काबू पा लिया गया, अन्यथा घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में भयानक तबाही मच सकती थी। इस हादसे ने स्थानीय मिठाई कारखानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आग लगने से अफरा-तफरी का माहौल

रसकुंज मिठाई दुकान, जो जीटी रोड पर एक व्यस्त स्थान पर स्थित है, का दूसरा तल पूरी तरह से समान स्टोर करने और मिठाई बनाने की तैयारी के लिए उपयोग किया जाता है। यहां मिठाइयों और स्वीट्स के निर्माण का काम रात के समय जोर-शोर से चलता रहता है। रविवार की रात करीब 1 बजे, अचानक कारखाने के अंदर से धुआं और आग की लपटें दिखाई देने लगीं। संभावित कारणों में गैस चूल्हे या विद्युत शॉर्ट सर्किट को बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस जांच जारी है।

आग की खबर फैलते ही आसपास के दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई। जीटी रोड पर ट्रैफिक जाम हो गया, जबकि रिहायशी इलाकों में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कई लोग चीख-पुकार मचाने लगे, और मोबाइल फोन पर वीडियो बनाते हुए घटना को शेयर करने लगे।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “आग इतनी तेज थी कि पूरा भवन जलने लगा था। अगर थोड़ी देरी होती तो पड़ोसी मकानों तक आग फैल जाती।” इलाके की घनी आबादी को देखते हुए यह स्थिति और भी खतरनाक साबित हो सकती थी, जहां सैकड़ों परिवार रहते हैं।

फायर ब्रिगेड की बहादुरी: घंटों की मशक्कत से आग पर काबू

सूचना मिलते ही मुगलसराय फायर स्टेशन से दो दमकल वाहनों की टीम मौके पर पहुंची। फायर अधिकारी ने बताया कि आग का दायरा इतना बड़ा था कि इसे बुझाने में करीब दो घंटे लग गए। दमकलकर्मियों ने ऑक्सीजन सिलेंडर और हाई-प्रेशर वॉटर जेट का सहारा लिया। इस दौरान कारखाने के अंदर मौजूद कच्चे माल, गैस सिलेंडर और पैकेजिंग सामग्री में आग लगने से विस्फोट का खतरा भी मंडराने लगा था।

सौभाग्य से, समय रहते आग को घेर लिया गया, जिससे आसपास के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और रिहायशी भवनों को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा। हालांकि, कारखाने को भारी क्षति पहुंची है—उत्पादन मशीनें, स्टॉक और इमारत का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह जलकर राख हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, नुकसान की भरपाई में लाखों रुपये लगेंगे। फायर ब्रिगेड ने घटनास्थल पर सुरक्षा घेराबंदी की और पुलिस के साथ मिलकर जांच शुरू कर दी है।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी: घनी आबादी में कारखानों से खतरा

यह घटना चंदौली और आसपास के क्षेत्रों में संचालित मिठाई कारखानों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, शहर की घनी बस्तियों के बीच कई ऐसे कारखाने चल रहे हैं, जहां अग्निशमन उपकरण—जैसे फायर एक्सटिंग्विशर, स्मोक डिटेक्टर या इमरजेंसी एग्जिट—मानक के अनुरूप नहीं हैं।

एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “ये कारखाने रात-दिन चलते हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं। गैस लीकेज या शॉर्ट सर्किट जैसी छोटी चूक भी बड़ा हादसा कर सकती है।”

 

विशेषज्ञों का मानना है कि जीटी रोड जैसे व्यस्त इलाकों में औद्योगिक इकाइयों का संचालन बिना पर्याप्त सुरक्षा के घातक है। यहां न केवल ट्रैफिक का दबाव रहता है, बल्कि रिहायशी क्षेत्रों से सटा होना आग लगने पर बचाव कार्य को और जटिल बना देता है। पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में इसी तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं, जहां लापरवाही ने जानमाल का भारी नुकसान पहुंचाया।

विभागों पर सवाल: अनुमति कैसे मिली रिहायशी इलाकों में?

इस हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों—खासकर फायर डिपार्टमेंट और नगर निगम—पर सवाल उठने लगे हैं। आखिर रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों के बीच ऐसे उच्च जोखिम वाले कारखानों को संचालन की अनुमति कैसे दी जाती है? एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निर्माण मानकों के विपरीत बने भवनों की जांच के लिए नियमित निरीक्षण होते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी से यह प्रक्रिया प्रभावी नहीं हो पाती।

स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और लापरवाही के चलते सुरक्षा प्रमाण-पत्र आसानी से जारी हो जाते हैं। “अगर फायर डिपार्टमेंट ने पहले जांच की होती, तो यह हादसा टल सकता था,” एक महिला निवासी ने कहा। जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

स्थानीय लोगों की मांगें: तत्काल जांच और कड़ी कार्रवाई की अपील

घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सभी मिठाई कारखानों, बेकरी और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की गहन जांच कराई जाए। एक सभा में दर्जनों लोगों ने एकत्र होकर ज्ञापन सौंपा, जिसमें दोषी अधिकारियों और मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। “ऐसी लापरवाही किसी दिन बहुत बड़ा हादसा करा सकती है। बच्चों और परिवारों की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाएं,” एक युवा कार्यकर्ता ने कहा।

प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान की जाएगी और सुरक्षा ऑडिट को प्राथमिकता दी जाएगी। यह घटना न केवल चंदौली बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक सबक है कि औद्योगिक विकास के साथ सुरक्षा को कभी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।

(रिपोर्ट: पत्रकार रंधा सिंह, चंदौली से)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button