मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: शहनाइयों की गूंज के बीच 78 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर व ब्लॉक प्रमुख चंचल सिंह ने नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद

नीरज सिंह, वाराणसी
वाराणसी/चिरईगांव, 29 नवंबर: चिरईगांव विकास खंड के बरियासनपुर स्थित इंटर कॉलेज प्रांगण में शुक्रवार को ढोल-नगाड़ों और शहनाइयों की मधुर धुन गूंजी। उत्तर प्रदेश सरकार की ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ के तहत आयोजित इस भव्य समारोह में कुल 78 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार व पारंपरिक रीतिरिवाज के साथ परिणय सूत्र में बंधे। अलग-अलग जाति-धर्म के जोड़ों का एक ही मंडप में विवाह संपन्न होना सामाजिक समरसता की अनुपम मिसाल बना।

प्रशासन की मुस्तैदी व कुशल संचालन
कार्यक्रम का संचालन चिरईगांव खंड विकास अधिकारी छोटेलाल तिवारी ने बेहद प्रभावशाली ढंग से किया। उन्होंने मंच संचालन के साथ-साथ सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी भी दी। वहीं पूरे आयोजन की कमान समाज कल्याण अधिकारी श्री शील भूषण त्रिपाठी के हाथों में रही। उनके नेतृत्व में विवाह मंडप, भोजन व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था से लेकर उपहार वितरण तक सभी कार्य सुचारु रूप से संपन्न हुए।
मुख्य अतिथि व विशिष्ट मेहमानों का आगमन
समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ चिरईगांव ब्लॉक प्रमुख अभिषेक कुमार सिंह उर्फ चंचल सिंह ने भी मंच साझा किया। मंत्री राजभर ने नवदंपतियों पर पुष्पवर्षा कर आशीर्वाद दिया और सुखमय दांपत्य जीवन की कामना की।

मंत्री अनिल राजभर का संबोधन
अपने उद्बोधन में कैबिनेट मंत्री ने कहा, “प्रदेश सरकार गरीब व जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के हाथ पीले करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक बोझ को कम करने के साथ-साथ दहेज प्रथा जैसी कुप्रथाओं पर भी करारा प्रहार कर रही है।”
ब्लॉक प्रमुख अभिषेक कुमार सिंह ने इसे पुनीत कार्य बताते हुए सभी अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रयासों की भरपूर सराहना की।
नवदंपतियों को मिला सरकारी उपहार
विवाह संपन्न होने के बाद प्रत्येक जोड़े को राज्य सरकार की ओर से निर्धारित नकद अनुदान राशि के साथ गृहस्थी का आवश्यक सामान भेंट किया गया। ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत को साकार करता यह दृश्य हर किसी के लिए प्रेरणादायी रहा।
हर्षोल्लास के साथ समापन
बड़े उत्साह व हर्षोल्लास के बीच नवदंपतियों की विदाई हुई। वर-वधु पक्ष के लोग और ग्रामीणजन सरकार की इस जनकल्याणकारी पहल से बेहद प्रसन्न नजर आए। हर चेहरे पर संतोष और कृतज्ञता का भाव स्पष्ट दिखाई दिया।
इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सरकार की योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और सामाजिक बुराइयों को जड़ से खत्म करने में प्रभावी सिद्ध हो रही हैं।




