यूपी में शीतलहर: अधिकारियों को मंत्री जी की चेतावनी, खुले में कोई सोता मिला तो खैर नहीं; गौशालाओं के लिए भी निर्देश जारी।
मंत्री एके शर्मा ने ली क्लास, रैन बसेरों को अस्पतालों से जोड़ने और माघ मेला में विशेष इंतजाम के निर्देश।

डेस्क- ख़बर भारत।
वाराणसी। उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच योगी सरकार के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा (A.K. Sharma) एक्शन मोड में आ गए हैं। शनिवार को वाराणसी सर्किट हाउस से जूम मीटिंग के जरिए उन्होंने प्रदेश भर के नगर निगमों और पालिकाओं की समीक्षा की। मंत्री ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि ठंड से बचाव के कार्यों में “सिर्फ खानापूर्ति नहीं चलेगी”, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के साथ काम करना होगा।
3 दिन का दिया अल्टीमेटम
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री एके शर्मा ने कंबल वितरण की धीमी गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने सभी नगर आयुक्तों और अधिशासी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अगले 3 दिनों के भीतर कंबल और ब्लैंकेट वितरण का काम हर हाल में पूरा कर लिया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सहायता असली जरूरतमंदों तक ही पहुंचे।
रैन बसेरों का अस्पतालों से होगा टाइ-अप
मंत्री ने एक नया और अहम निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के सभी रैन बसेरों को नजदीकी सरकारी अस्पतालों या डिस्पेंसरी से जोड़ा जाए। ताकि अगर रैन बसेरे में किसी बुजुर्ग या निराश्रित की तबीयत बिगड़े, तो उसे तत्काल इलाज मिल सके। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर रैन बसेरों की जानकारी देने वाले होर्डिंग्स लगाने को भी कहा गया है।
माघ मेला और गौशालाओं पर फोकस
प्रयागराज में होने वाले माघ मेला को देखते हुए मंत्री ने मेला क्षेत्र में अलाव और रैन बसेरों की विशेष व्यवस्था करने को कहा है। वहीं, बेजुबान जानवरों के लिए भी मंत्री ने संवेदना दिखाई। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी ‘कान्हा गौशालाओं’ में पशुओं के लिए तिरपाल और अलाव की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए।
वाराणसी में क्या है तैयारी?
बैठक में वाराणसी के नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में ठंड से निपटने के पुख्ता इंतजाम हैं।
• प्रमुख रेलवे स्टेशनों और बीएचयू परिसर में रैन बसेरे चालू हैं।
• अपर नगर आयुक्त और जोनल अधिकारी शाम को खुद गश्त कर रहे हैं।
• खुले में सोने वालों को गाड़ियों से रैन बसेरों में शिफ्ट किया जा रहा है।




