रामनगर में ग्रामीणों का पुलिस बल पर पथराव, चार पुलिसकर्मी घायल, मशक्कत के बाद स्थिति नियंत्रण में
रामनगर में पानी की किल्लत और प्रधान पति के व्यवहार पर बवाल के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ियों को बनाया निशाना, कई थानों की फोर्स मौके पर मौजूद

रामनगर, 9 नवंबर 2025: रामनगर इलाके में लंबे अर्से से पानी की भारी कमी और गांव के प्रधान पति के कथित अड़ियल रवैये से तंग आ चुके स्थानीय निवासियों ने सोमवार को जोरदार विरोध जताया। सुबह से ही दुर्गा मंदिर से पंचवटी मार्ग तक सड़क पर चक्काजाम कर ग्रामीणों ने अपनी मांगें बुलंद कीं, जिसमें तुरंत पानी की आपूर्ति शुरू करना और प्रधान पति पर सख्त एक्शन शामिल था। दिन भर चले धरने ने पूरे क्षेत्र में ट्रैफिक को पूरी तरह ठप कर दिया, जबकि प्रदर्शनकारियों का गुस्सा लगातार बढ़ता ही जा रहा था।
शाम ढलते ही पुलिस टीम समझौते के लिए मौके पर पहुंची, लेकिन बातचीत की बजाय तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। ग्रामीणों का दावा था कि पुलिस उन पर दबाव डाल रही है और प्रधान की पक्षधरता कर रही है। इसके बाद गुस्साई भीड़ थाने की ओर कूच कर गई, जहां मामला और बिगड़ गया। आक्रोशित लोगों ने थाने पर जमकर पत्थर बरसाए, जिससे चार पुलिसवालों को चोटें आईं और एक पुलिस वाहन के शीशे चकनाचूर हो गए। हंगामे की खबर फैलते ही आसपास के दस थानों से भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और किसी तरह उपद्रव को काबू में किया।
डीसीपी गौरव वंशवाल खुद मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से लंबी वार्ता की, जिसके बाद काफी मशक्कत से माहौल शांत हुआ। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रधान पुलिस के साथ मिलकर उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहा है। पुलिस अधिकारियों ने सभी शिकायतों की गहन जांच का आश्वासन देते हुए उचित कार्रवाई का वादा किया। फिलहाल इलाके में अतिरिक्त फोर्स तैनात है और स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन पानी की समस्या जल्द हल न हुई तो फिर से बवाल के आसार बने हुए हैं।




