रेलवे कर्मचारी पर साजिशन हमला करवाने का आरोप, घायल पीड़ित ट्रॉमा सेंटर में भर्ती
वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र में हुई घटना, पीड़िता ने आरोपियों पर राजनीतिक दबाव और पुलिस पर लापरवाही के भी लगाए गंभीर आरोप

रिपोर्ट: नीरज सिंह
वाराणसी। कैंट थाना क्षेत्र के अंतर्गत नदेसर इलाके में एक गंभीर आपराधिक वारदात सामने आई है। पीड़िता निकिता विश्वकर्मा ने आरोप लगाया है कि दिनांक 16 अप्रैल की रात्रि को उसके पति दिनेश विश्वकर्मा उर्फ गोलू पर एक सुनियोजित साजिश के तहत हमला किया गया।
पीड़िता के अनुसार, जितेंद्र कुमार विश्वकर्मा उर्फ बिज्जू, अभिषेक उर्फ बच्चा, रूपी गुप्ता, शेखर, संजय, आशीष जायसवाल और बॉबी गुप्ता ने मिलकर उसके पति को पिस्टल की मुठिया और लाठियों-डंडों से बेरहमी से पीटा। गंभीर रूप से घायल होने के कारण उन्हें तत्काल ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।
निकिता का आरोप है कि थाना कैंट और नदेसर चौकी को सूचना देने के बावजूद पुलिस ने न तो समय पर मदद की और न ही उचित कार्रवाई की। जब वह पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचीं, तब जाकर एफआईआर दर्ज की गई। लेकिन पीड़िता के मुताबिक, आरोपी जितेंद्र विश्वकर्मा, जो कि रेलवे में सरकारी नौकरी करता है और कांग्रेस पार्टी से जुड़ा नेताभी है, ने पैसे और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए मामला हल्की धाराओं में दर्ज करवा दिया।
सबसे गंभीर बात यह है कि पीड़िता और उसके परिवार को अब मुकदमा वापस लेने की धमकियां दी जा रही हैं। निकिता विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है और मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर, निष्पक्ष जांच की जाए।
पीड़िता ने यह भी सवाल उठाया है कि एक व्यक्ति, जो सरकारी कर्मचारी होते हुए राजनीति और अपराध में सक्रिय है, कैसे कानून से ऊपर हो सकता है?



