वाराणसी: पिसौर प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक पर कक्षा 4 की छात्राओं से छेड़खानी का आरोप, ग्रामीणों ने स्कूल घेरा, पुलिस ने हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया

ख़बर भारत डेस्क
वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पिसौर गांव स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक (प्रभाकर सिंह या पद्माकर सिंह के नाम से उल्लेखित, लगभग 58 वर्षीय) पर चौथी कक्षा की चार छात्राओं (कुछ रिपोर्ट्स में दो सगी बहनों समेत) के साथ छेड़खानी और अश्लील हरकतों का गंभीर आरोप लगा है। सोमवार को आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने स्कूल का घेराव कर आरोपी को पीटते हुए तीन घंटे तक कमरे में बंधक बनाए रखा। पुलिस ने भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और आरोपी को हेलमेट पहनाकर सुरक्षित निकालकर गिरफ्तार कर लिया।
घटना का पूरा विवरण
पीड़ित छात्राओं के अनुसार, आरोपी प्रधानाध्यापक पिछले कई दिनों (कुछ स्रोतों में 10-20 दिन) से टॉफी, चॉकलेट, नमकीन का लालच देकर, मॉनिटर बनाने या अच्छे नंबर दिलाने का झांसा देकर उन्हें अपने कमरे में बुलाता था। वह गलत तरीके से छूता था, प्राइवेट पार्ट पर हाथ लगाता था, बाथरूम तक पीछा करता था और कुछ रिपोर्ट्स में अश्लील वीडियो दिखाने का भी आरोप लगा है। बच्चियों ने डर के मारे घर जाकर परिजनों को बताया, जिसके बाद ग्रामीण भड़क उठे।
सोमवार सुबह स्कूल खुलते ही सैकड़ों (कुछ रिपोर्ट्स में 200 से अधिक) ग्रामीण, परिजन और महिलाएं विद्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रधानाध्यापक को पकड़कर मारपीट की और उसके कमरे में बंद कर दिया। परिसर में जमकर नारेबाजी हुई, हंगामा मचा और बच्चे डरकर भाग निकले।
पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार, एसीपी कैंट नितिन तनेजा, एसीपी रोहनिया संजीव शर्मा सहित शिवपुर थाने और अन्य थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया और आरोपी को हेलमेट पहनाकर सुरक्षित बाहर निकाला। शिवपुर पुलिस ने POCSO एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार कर लिया। कुछ रिपोर्ट्स में आरोपी को सस्पेंड करने की भी जानकारी है।
डीसीपी प्रमोद कुमार ने बताया कि ग्रामीण काफी आक्रोशित थे। मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाया गया। जांच चल रही है और उचित कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों की मांग और समाज में सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक ने कई छात्राओं के साथ छेड़खानी की है। उन्होंने कड़ी से कड़ी सजा, तत्काल बर्खास्तगी और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। यह घटना सरकारी स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा, शिक्षकों की जवाबदेही और ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।




