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वाराणसी में अवैध ऑनलाइन लॉटरी के खिलाफ SOG-2 की बड़ी कार्यवाही, 12 धंधेबाज गिरफ्तार

नीरज सिंह, वाराणसी

 

वाराणसी, 16 अक्टूबर 2025: उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में अवैध जुआ और लॉटरी के कारोबार पर पुलिस ने कड़ा प्रहार किया है। सोशल मीडिया पर ख़बर वायरल होने के तुरंत बाद SOG-2 (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप-2) टीम ने जैतपुरा थाना क्षेत्र में सिटी स्टेशन के ठीक सामने चल रहे अवैध ऑनलाइन लॉटरी संचालन के अड्डे पर धावा बोल दिया। इस छापेमारी में कुल 12 संदिग्धों को मौके से गिरफ्तार किया गया, जबकि बड़ी मात्रा में साक्ष्य भी बरामद हुए। यह कार्रवाई न केवल स्थानीय अपराधियों को सबक सिखाने वाली है, बल्कि शहर में व्याप्त जुआ के जाल को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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खबर का असर: सोशल मीडिया पोस्ट ने किया पुलिस को अलर्ट

जानकारी के अनुसार, यह कार्यवाही एक सोशल मीडिया पोस्ट के वायरल होने के फौरन बाद अंजाम दी गई। पोस्ट में जैतपुरा थाना क्षेत्र के सिटी स्टेशन के सामने खुले आम चल रही अवैध लॉटरी गतिविधियों का जिक्र था, जिसने स्थानीय निवासियों और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। SOG-2 के प्रभारी और उनकी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुप्त सूचना पर रेकी की और फिर पूर्ण तैयारी के साथ छापा मारा। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशन में गठित यह स्पेशल यूनिट हाल ही में अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है, और आज की यह सफलता उसी श्रृंखला का हिस्सा है।

संचालकों पर नकेल: मनीष पांडे, विनय कनौजिया और फरार केयरटेकर छोटू की तलाश तेज

छापेमारी के दौरान वाराणसी पुलिस को पता चला कि अवैध ऑनलाइन लॉटरी का संचालन मनीष पांडे और विनय कनौजिया द्वारा किया जा रहा था, जिसमें उनका केयरटेकर छोटू भी शामिल था। हालांकि, छोटू मौके से फरार हो गया, और पुलिस ने उसकी तलाश में व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। SOG-2 की टीम बाकी गिरफ्तार 12 आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क के मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सके और फरार छोटू को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।

ऑनलाइन लॉटरी का जाल: ‘भाग्यलक्ष्मी’ वेबसाइट से ठग रहे थे लोगों को

छापेमारी के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी ‘भाग्यलक्ष्मी’ नामक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन लॉटरी का धंधा चला रहे थे। यह प्लेटफॉर्म गरीब और लालची लोगों को झांसे में फंसाकर उनके पैसे लूटने का जरिया बन चुका था। मौके पर पहुंची टीम ने कुल 12 व्यक्तियों को हिरासत में लिया, जो लॉटरी के टिकट बांटने, बेट लगाने और पैसे वसूलने में लगे हुए थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और पूछताछ जारी है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक ये सभी स्थानीय निवासी हैं और लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे।

बरामद सामग्री: नकदी से लेकर डिजिटल उपकरण तक जब्त

पुलिस ने छापे में भारी मात्रा में सामग्री बरामद की, जो इस धंधे की पोल खोल रही है। मुख्य बरामदगी में शामिल हैं:
– नकदी: लगभग 10,000 रुपये, जो लॉटरी के दांव से वसूले गए थे।
– मोबाइल फोन: 2 एंड्रॉयड स्मार्टफोन और 2 कीपैड मोबाइल, जिनका इस्तेमाल वेबसाइट पर लॉटरी खेलने और लेन-देन के लिए किया जा रहा था।
– डिजिटल पेमेंट उपकरण: एक पेटीएम क्यूआर मशीन, जो ऑनलाइन भुगतान को आसान बना रही थी।
– लॉटरी से जुड़े दस्तावेज: गत्तों पर लिखे हुए नंबर्स, टिकटों की लिस्ट और अन्य संबंधित कागजात, जो भाग्यलक्ष्मी वेबसाइट से लिंक थे।

ये सामग्रियां अपराधियों के नेटवर्क को उजागर करने में मददगार साबित होंगी। पुलिस ने सभी जब्त वस्तुओं को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।

कानूनी कार्रवाई और आगे की योजना

गिरफ्तार 12 आरोपियों के खिलाफ जैतपुरा थाने में IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 294 (अश्लीलता) और जुआ अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा, और पूछताछ के आधार पर बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है। SOG-2 प्रभारी ने बताया कि यह अभियान जारी रहेगा, और शहर के अन्य इलाकों में भी ऐसी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई की सराहना की है, लेकिन साथ ही अपील की है कि पुलिस ऐसे धंधों को जड़ से उखाड़ फेंके।

यह घटना वाराणसी जैसे धार्मिक नगरी में व्याप्त आधुनिक अपराधों की ओर इशारा करती है, जहां ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अवैध कारोबार को आसान बना रहे हैं। पुलिस की यह सतर्कता भविष्य में और सख्ती का संकेत दे रही है। अधिक अपडेट के लिए बने रहें।

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