Varanasi

वाराणसी में महिला कांग्रेस का ज़ोरदार प्रदर्शन: कानपुर नाबालिग गैंगरेप मामले में CM को ज्ञापन, फांसी और 50 लाख मुआवजे की मांग

 

वाराणसी, 30 मार्च 2026 – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी की एक नाबालिग बेटी के साथ कानपुर (मंधना क्षेत्र) में हुई जघन्य सामूहिक बलात्कार की घटना ने वाराणसी में राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। आज जिला मुख्यालय पर महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुराधा यादव के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

घटना का संक्षिप्त विवरण

प्राप्त जानकारी के अनुसार वाराणसी से कानपुर अपने किसी परिचित/रिश्तेदार से मिलने पहुंची किशोरी मंगलवार की रात करीब 12 बजे मंधना चौराहे पर रास्ता भटक गई। इसी दौरान पदम त्रिपाठी (मंधना बहलोलपुर निवासी, हॉस्टल/गेस्ट हाउस संचालक) ने उसे कमरा दिलाने के बहाने अपने साथ ले लिया। हॉस्टल के कमरे में पहुंचते ही पदम त्रिपाठी ने अपने दो साथियों — निहाल सिंह (बगदोधी बांगर निवासी) और नितेश दुबे उर्फ बिल्लू — को बुला लिया। तीनों ने मिलकर किशोरी को रात 1 बजे से सुबह 6 बजे तक (लगभग 5 घंटे) बंधक बनाए रखा और उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया।

पीड़िता के शरीर और प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। सुबह हॉस्टल में रहने वाले एक किरायेदार ने अर्धनग्न हालत में किशोरी को देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। यह घटना महिलाओं की सुरक्षा पर सत्ताधारी सरकार के दावों पर सवाल खड़ा कर रही है।

प्रदर्शन और नेतृत्व

महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुराधा यादव और महानगर अध्यक्ष पूनम विश्वकर्मा के संयुक्त नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे भी मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने “बेटी बचाओ, न्याय दो”, “दोषियों को फांसी दो” जैसे नारे लगाए।

अनुराधा यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा:
“काशी की नाबालिग बेटी रिश्तेदार के घर गई थी, जहां सत्ता पक्ष और स्थानीय विधायक के करीबियों ने दरिंदगी की। प्रशासन इस मामले को दबाने और अपराधियों को बचाने में लगा है। 2014 से महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े वादे करने वाली सरकार के दावे आज धराशायी हो चुके हैं। यदि पीड़िता को न्याय नहीं मिला तो महिला कांग्रेस सड़कों पर बड़ा आंदोलन करेगी।”

 

राघवेंद्र चौबे ने आरोप लगाया:
“प्रदेश में कानून का राज समाप्त हो चुका है। अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है। कांग्रेस पीड़िता के साथ मजबूती से खड़ी है।”

 

मुख्य मांगें (ज्ञापन में शामिल)

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं:

– सभी दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में फांसी की सजा दी जाए।
– पीड़िता और परिवार को 24 घंटे सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
– परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
– पीड़िता के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उसे या परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
– पूरे प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए ठोस सुरक्षा नीति लागू की जाए।

यह प्रदर्शन उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच नई बहस छेड़ रहा है। पीड़िता परिवार की सुरक्षा और त्वरित न्याय की मांग अब पूरे पूर्वांचल का मुद्दा बन चुकी है।

कांग्रेस का साफ संदेश: बेटी न्याय की तड़प रही है, सरकार जागो – वरना सड़क पर होगा बड़ा संघर्ष!

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