वाराणसी में खाकी दागदार: जेल भेजने का डर दिखाकर 20 हजार घूस लेते दरोगा और सिपाही गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथों दबोचा
केस रफा-दफा करने के नाम पर हो रही थी 'वसूली', इशारा मिलते ही सिपाही ने जैकेट में छिपाए नोट, लेकिन टीम की मुस्तैदी से खुला खेल

ख़बर भारत।
वाराणसी/चंदौली: प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। वर्दी का रौब दिखाकर एक पीड़ित से रिश्वत वसूल रहे चौकी इंचार्ज और सिपाही को एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सिगरा थाने की काशी विद्यापीठ चौकी पर तैनात दरोगा शिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव कुमार को 20 हजार रुपये की घूस लेते हुए अरेस्ट किया गया है। ये दोनों पुलिसकर्मी एक व्यक्ति को झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दे रहे थे।
जानिए क्या है पूरा मामला:
इस पूरे खेल की शुरुआत चंदौली जिले के अलीनगर (मुगलचक) निवासी प्रह्लाद गुप्ता के पारिवारिक विवाद से हुई। प्रह्लाद का अपनी पत्नी ममता गुप्ता से झगड़ा चल रहा था, जिसमें पत्नी ने पति के खिलाफ 5 मुकदमे दर्ज कराए थे। इस केस की जांच (विवेचना) चौकी इंचार्ज शिवाकर मिश्रा कर रहे थे।
आरोप है कि दरोगा शिवाकर मिश्रा ने केस खत्म करने और प्रह्लाद को राहत देने के बदले 50 हजार रुपये की डिमांड की। जब पीड़ित ने इतने पैसे देने में असमर्थता जताई, तो दरोगा ने खाकी का खौफ दिखाया। उसने धमकी दी कि “अगर पैसे नहीं दिए, तो चार्जशीट में नाम डालकर और धाराएं बढ़ाकर तुम्हें जेल भेज दूंगा।”
ऐसे बिछाया गया जाल
जेल जाने के डर से पीड़ित प्रह्लाद ने 20 हजार रुपये देने की बात मान ली, लेकिन उसने इसकी गोपनीय शिकायत एंटी करप्शन टीम (Varanasi) से कर दी।
• तारीख: 28 जनवरी (आज)
• कार्रवाई: शिकायत सही पाए जाने पर इंस्पेक्टर सत्यवीर सिंह की टीम ने जाल बिछाया।
• गिरफ्तारी: पीड़ित प्रह्लाद पैसे लेकर चौकी पहुंचा। दरोगा ने चालाकी दिखाते हुए पैसे खुद न लेकर पास खड़े सिपाही गौरव कुमार को देने का इशारा किया।
जैसे ही सिपाही ने 20 हजार रुपये लेकर अपनी जैकेट की जेब में रखे, एंटी करप्शन टीम ने धावा बोल दिया। टीम को देखते ही सिपाही बैरक की तरफ भागा और नोट छिपाने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उसे और दरोगा दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। रिश्वती नोट भी बरामद कर लिए गए हैं। अब दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी है।




