वाराणसी में पोस्टर वार से गरमाई सियासत, ‘I Love PDA एकता’ पोस्टर से सपा ने बीजेपी को दिया जवाब
अजय त्रिपाठी

वाराणसी, उत्तर प्रदेश: वाराणसी में इन दिनों पोस्टर वार सियासी चर्चाओं का मुख्य केंद्र बन गया है। पहले ‘I Love Muhammad’ और ‘I Love Mahadev’ जैसे धार्मिक पोस्टरों ने माहौल को गर्म किया, और अब यह पोस्टर जंग सीधी राजनीति के मैदान में उतर आई है। धार्मिक प्रतीकों के सहारे शुरू हुई यह जंग अब पार्टियों के बीच शक्ति प्रदर्शन में बदल गई है।
बीजेपी की ओर से लगाए गए ‘बुलडोजर’ वाले पोस्टरों ने पहले ही माहौल को गर्म किया था। इन पोस्टरों में बीजेपी ने कानून व्यवस्था और अपराध के खिलाफ अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दर्शाते हुए बुलडोजर को प्रतीक बनाया था। इसका जवाब समाजवादी पार्टी (सपा) ने बड़े ही रोचक और रणनीतिक तरीके से दिया है।
सपा ने वाराणसी के भेलूपुर स्थित अपने कार्यालय पर एक नया पोस्टर जारी किया है जिसमें ‘I Love PDA’ लिखा गया है। इस ‘PDA’ का मतलब है – Peace (शांति), Development (विकास), और Aekta (एकता)। इस पोस्टर के जरिए सपा ने बीजेपी के ‘धार्मिक ध्रुवीकरण’ के आरोपों का जवाब देते हुए खुद को शांति और एकता की राजनीति करने वाली पार्टी के रूप में पेश किया है।
पोस्टर पर समाजवादी पार्टी के नेताओं की तस्वीरें हैं और इसके जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि पार्टी समाज को जोड़ने और विकास की राह पर ले जाने की दिशा में काम कर रही है, ना कि धार्मिक भावनाओं को भड़काकर राजनीति करने में विश्वास रखती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यह पोस्टर वार और भी तेज हो सकता है। धार्मिक भावनाओं और विकास की राजनीति के बीच खिंची इस नई लकीर ने वाराणसी को राजनीतिक रूप से और भी संवेदनशील बना दिया है।
जनता के बीच यह पोस्टर वार चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोग इसे लोकतंत्र का हिस्सा मान रहे हैं तो कुछ इसे सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा भी बता रहे हैं।
वाराणसी में पोस्टर के जरिए चल रही यह राजनीतिक जंग आने वाले दिनों में किस रूप लेगी, यह देखना दिलचस्प होगा। लेकिन इतना तय है कि पोस्टर अब सिर्फ दीवारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे जनता के दिल और दिमाग में उतरने की होड़ में शामिल हो चुके हैं।




