वाराणसी (उ०प्र०)। वाराणसी में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री वरुण चौधरी एवं NSUI कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस द्वारा किए गए कथित दुर्व्यवहार के विरोध में कांग्रेस पार्टी और NSUI ने कड़ा ऐतराज जताया है। इस मामले को लेकर महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी चंदौली के माध्यम से भेजा गया है।
ज्ञापन में बताया गया है कि 11 जनवरी 2026 को वाराणसी में SIR, कथित वोट चोरी और मनरेगा को समाप्त किए जाने के विरोध में NSUI कार्यकर्ता अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री वरुण चौधरी के नेतृत्व में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया और स्वयं राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ भी अभद्र एवं बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया।
कांग्रेस और NSUI नेताओं का कहना है कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति नहीं बनी थी, इसके बावजूद पुलिस ने कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने के उद्देश्य से कार्रवाई की। संगठन का आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर की गई, ताकि छात्र संगठन की आवाज को दबाया जा सके।
आरोप यह भी लगाया गया है कि पुलिस कार्रवाई केवल प्रदर्शन स्थल तक सीमित नहीं रही, बल्कि NSUI के पदाधिकारियों और नेताओं के घरों पर जाकर उनके परिजनों, महिलाओं और बच्चों तक को परेशान किया गया। इससे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बन गया। कांग्रेस और NSUI ने इसे लोकतंत्र और संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया है।
कांग्रेस पार्टी और NSUI ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार पुलिस का दुरुपयोग कर विपक्षी दलों और छात्र संगठनों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।
ज्ञापन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति से मांग की गई है कि इस पूरे प्रकरण का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए दोषी पुलिस अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।




