वाराणसी: शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 9 शातिर गिरफ्तार; दो ‘थार’ और लाखों का कैश बरामद
फर्जी कॉल सेंटर चलाकर सोशल मीडिया के जरिए लोगों को बनाते थे शिकार, पुलिस कमिश्नरेट की टीम ने 4.88 लाख रुपये और सोने के साथ दबोचा

रिपोर्ट: वीरेन्द्र पटेल।
वाराणसी। वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट को साल के अंत में साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस उपायुक्त (अपराध) के निर्देशन में साइबर क्राइम थाने की टीम ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर आम जनता से करोड़ों की ठगी करने वाले एक संगठित अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मंगलवार को इस मामले में 9 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया, जो एक फर्जी कॉल सेंटर के जरिए इस काले कारोबार को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने इनके पास से ठगी के पैसों से खरीदी गई दो महिंद्रा थार गाड़ियां, करीब 5 लाख रुपये नकद और भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बरामद किए हैं।
पुलिस की पूछताछ और जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद शातिराना अंदाज में काम करता था। ये लोग मेटा (फेसबुक/इंस्टाग्राम) और गूगल जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘वेल-स्टैब्लिश्ड’ कंपनियों के नाम का इस्तेमाल कर विज्ञापन देते थे। खुद को ‘ट्रेडिंग एक्सपर्ट’ बताकर ये आम लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और विभिन्न प्रकार का लालच देकर उनसे फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स डाउनलोड करवाते थे। इसके बाद आईपीओ (IPO) और शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर पीड़ितों से अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा कराए जाते थे। पैसा आते ही ये उसे अपने ‘मनी म्यूल’ (Money Mule) खातों में ट्रांसफर कर निकाल लेते थे।
गिरफ्तार किए गए सभी 9 आरोपी जौनपुर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों, विशेषकर मड़ियाहूं और लाइन बाजार के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 4,88,920 रुपये नकद, 24 ग्राम सोना (कीमत करीब 3.5 लाख रुपये), 02 महिंद्रा थार गाड़ियां, 05 आईफोन, 14 एंड्रॉयड मोबाइल, 3 लैपटॉप, 30 एटीएम कार्ड, 7 सिम कार्ड और 9 चेकबुक बरामद की हैं। पुलिस कमिश्नरेट की इस कार्रवाई में साइबर क्राइम थाने के निरीक्षक गोपाल जी कुशवाहा और निरीक्षक राकेश कुमार गौतम की टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।




