Varanasi

शिवपुर की रामलीला में उमड़ा आस्था का सैलाब, सुमन विदाई से भरद्वाज आश्रम तक के प्रसंगों ने बिखेरा भक्ति भाव

33 दिवसीय मंचन में केवट संवाद और भरद्वाज आश्रम प्रसंग ने मोहा दर्शकों का मन, समिति और मीडिया टीम की मेहनत से गूंज रहा है शिवपुर का रामकाज

रिपोर्ट: वीरेंद्र पटेल।

 

वाराणसी। शिवपुर क्षेत्र में सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब भव्य रामलीला मंचन में सैकड़ों श्रद्धालु उमड़ पड़े। शिवपुर बाजार ही नहीं, बल्कि आसपास की कॉलोनियों और 15-20 गांवों से लोग बड़ी संख्या में इस सांस्कृतिक महोत्सव का हिस्सा बने। यह आयोजन जहां भक्ति और आस्था का केंद्र है, वहीं बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में एकता और भाईचारे की मिसाल भी पेश कर रहा है।

रामलीला समिति के उपाध्यक्ष विकास सिंह ने बताया कि आज के मुख्य प्रसंगों में सुमन विदाई, केवट संवाद और भरद्वाज आश्रम में विश्राम का मंचन हुआ। केवट संवाद के दौरान पूरा मैदान तालियों से गूंज उठा। श्रीराम को गंगा पार कराने से पहले केवट के प्रेम और भक्ति से सराबोर संवाद – “कहइ तुम्हार मरमु मैं जाना” और “जो प्रभु पार अवस गा चहहू, मोहि पद पदुम पखारन कहहू” ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इसके बाद भरद्वाज मुनि के आश्रम प्रसंग में जब मुनि ने कहा कि “श्रीराम के दर्शन से उन्हें अपनी समस्त तपस्या का परम फल मिल गया”, तो दर्शक भाव-विभोर हो उठे।

श्री रामलीला सेवा समिति शिवपुर के मंत्री **संतोष मिश्रा** ने बताया कि यह रामलीला 33 दिनों तक चलेगी, जिसमें जन्म, शिक्षा, स्वयंवर, विवाह, वनगमन, सीता हरण, हनुमान मिलन, लंका युद्ध, रावण वध, भारत मिलाप और राजगद्दी तक के भव्य प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। काशी नगरी में रामनगर के बाद शिवपुर की रामलीला को दूसरा सबसे महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है।

आयोजन को सफल बनाने में समिति के उपाध्यक्ष विकास सिंह, मंत्री संतोष मिश्रा, कोषाध्यक्ष आर.एन. सिंह और 21 कार्यकारिणी सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वहीं मीडिया टीम में वरिष्ठ प्रभारी आनंद तिवारी, रवि प्रकाश बाजपेई और वीरेंद्र पटेल इस रामकाज को अपनी लेखनी से प्रदेश और देश तक पहुंचा रहे हैं।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button