News

संभल हिंसा मामला: पूर्व DSP समेत कई पुलिसकर्मियों पर FIR के कोर्ट के आदेश से मचा सियासी-प्रशासनिक घमासान

यामीन को गोली लगने के मामले में अदालत का बड़ा आदेश, एसपी बोले– पहले ही हो चुकी है न्यायिक जांच, फैसले के खिलाफ करेंगे अपील

नीरज सिंह

 

संभल (उत्तर प्रदेश)। संभल हिंसा से जुड़े एक मामले में अदालत के आदेश ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। कोर्ट ने पूर्व DSP अनुज चौधरी, इंस्पेक्टर अनुज तोमर समेत कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। मामला उस घटना से जुड़ा है, जिसमें हिंसा के दौरान यामीन को गोली लगने की बात सामने आई थी। अदालत के इस आदेश को लेकर जहां पीड़ित पक्ष ने न्याय की दिशा में अहम कदम बताया है, वहीं पुलिस प्रशासन ने इससे असहमति जताई है।

इस पूरे मामले पर संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण बिश्नोई ने स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि संभल हिंसा की पहले ही न्यायिक (ज्यूडिशियल) जांच कराई जा चुकी है, जिसमें पुलिस की कार्रवाई को सही और नियमों के अनुरूप पाया गया था। एसपी के मुताबिक, उसी जांच रिपोर्ट के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया था कि पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए थे और किसी प्रकार की आपराधिक मंशा नहीं थी।

एसपी कृष्ण बिश्नोई ने यह भी कहा कि ऐसे में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का कोई औचित्य नहीं बनता। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कोर्ट के आदेश के खिलाफ उच्च अदालत में अपील की जाएगी और पुलिस अपना पक्ष मजबूती से रखेगी।

गौरतलब है कि संभल में हुई हिंसा के दौरान गोली लगने से यामीन घायल हुआ था, जिसके बाद से ही पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठते रहे हैं। पीड़ित पक्ष लगातार आरोप लगाता रहा है कि पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया, जबकि प्रशासन का कहना है कि हालात बेकाबू हो चुके थे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई जरूरी थी।

अब अदालत के एफआईआर के आदेश के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। एक ओर जहां पीड़ित पक्ष को न्याय की उम्मीद जगी है, वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन इसे पहले से तय निष्कर्षों के खिलाफ बताया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि उच्च अदालत में अपील के बाद इस मामले में क्या रुख अपनाया जाता है और क्या जांच का दायरा और बढ़ता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button