संयुक्त कृषि निदेशक ने राजकीय कृषि बीज भंडार का किया निरीक्षण
वाराणसी में कृषि विभाग की सक्रियता — चिरईगांव बीज भंडार का निरीक्षण, किसानों को 50% अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे उच्च गुणवत्ता वाले बीज

आरिफ़ अंसारी, वाराणसी
वाराणसी। संयुक्त कृषि निदेशक वाराणसी मंडल शैलेन्द्र कुमार ने राजकीय कृषि बीज भंडार, चिरईगांव का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह, स्टोर इंचार्ज शिवी सिंह, प्राविधिक सहायक श्रीनिहाल शरण सहित कई किसान मौजूद रहे। अधिकारियों ने भंडार में उपलब्ध बीजों की मात्रा और वितरण की प्रक्रिया की बारीकी से जांच की।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि ग्राम रामचंदीपुर के किसान इंद्रजीत सिंह तथा ग्राम मुस्तफाबाद के उमानाथ सिंह और मोहन यादव ने गेहूं का बीज खरीदा है। स्टोर इंचार्ज ने बताया कि गोदाम में वर्तमान में सरसों (PM-32) – 2.50 कुंतल, चना (RVG 202) – 16.60 कुंतल, मटर (IPFD) – 13 कुंतल, मसूर (कोटा-3) – 24 किलोग्राम, गेहूं (DBW-187 करण वंदना) – 182.40 कुंतल और गेहूं (DBW-303) – 200 कुंतल बीज उपलब्ध हैं, जिनका वितरण किसानों को नियमानुसार किया जा रहा है।
संयुक्त कृषि निदेशक शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि मंडल के सभी सरकारी बीज भंडारों पर तिलहनी और दलहनी फसलों के साथ-साथ गेहूं का बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दिया गया है, जिन्हें किसानों को 50% अनुदान पर वितरित किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे समय पर गोदाम पहुंचकर POS मशीन के माध्यम से सत्यापन कर अपनी आवश्यकता के अनुसार बीज प्राप्त करें और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह ने बताया कि जनपद में उच्च उत्पादन देने वाली गेहूं की प्रजाति ‘DBW-187 (करण वंदना)’ सबसे अधिक मात्रा में उपलब्ध कराई गई है। यह प्रजाति न केवल अधिक पैदावार देती है, बल्कि इसमें प्रोटीन और आयरन की मात्रा भी अधिक होती है, जो किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है।
उन्होंने बताया कि बीजों का वितरण ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जा रहा है। किसानों से अनुरोध किया गया कि वे शीघ्र अपनी बुवाई के लिए आवश्यक बीज प्राप्त कर लें, ताकि समय पर खेती सुनिश्चित हो सके और उत्पादन में वृद्धि हो।




