
गाज़ीपुर। सैदपुर कस्बे में मौसम के बदलाव के साथ मलेरिया के मामलों में तेजी से इजाफा देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से प्रतिदिन लगभग 50 मरीज मलेरिया की चपेट में आ रहे हैं। बदलते मौसम, ठंड से गर्मी की ओर बढ़ते तापमान और बारिश के बाद जमा पानी में मच्छरों के प्रजनन से यह स्थिति बिगड़ी है।
सैदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है। लोग बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द और शरीर में दर्द जैसी शिकायतों के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर पंचायत द्वारा अभी तक नालियों, गलियों या अन्य इलाकों में एक बार भी दवा का छिड़काव (फॉगिंग या एंटी-लार्वा स्प्रे) नहीं किया गया है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है और आम जनता में परेशानी बढ़ गई है।
नगर पंचायत की ओर से सफाई और छिड़काव की कमी के कारण लोग आक्रोशित हैं। कई वार्डों में नालियां भरी हुई हैं, जहां मच्छरों के लार्वा पनप रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते फॉगिंग और लार्वा नियंत्रण नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
मलेरिया से बचाव के प्रभावी उपाय
मलेरिया मच्छर जनित बीमारी है, जो एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है। इसे रोकने के लिए व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर ये उपाय अपनाए जा सकते हैं:
1. मच्छरदानी का इस्तेमाल: रात में सोते समय बिस्तर पर मच्छरदानी जरूर लगाएं। इसे पर्मेथ्रिन से उपचारित मच्छरदानी और बेहतर सुरक्षा देती है।
2. कीट विकर्षक (Repellent) लगाएं: शरीर के खुले हिस्सों पर DEET (20-35%) युक्त मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का प्रयोग करें, खासकर शाम और रात में।
3. पूरा शरीर ढकने वाले कपड़े पहनें: लंबी आस्तीन की शर्ट, पैंट और मोजे पहनें ताकि मच्छर काट न सकें। कपड़ों पर भी repellent स्प्रे कर सकते हैं।
4. घर के आसपास पानी जमा न होने दें: कूलर, गमले, टायर, पुरानी बाल्टियां, नालियां आदि में पानी एकत्र न होने दें। सप्ताह में कम से कम एक बार इन्हें खाली करके साफ करें।
5. घर में जाली लगवाएं: खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगाकर मच्छरों को अंदर आने से रोकें। घर के आसपास फॉगिंग या दवा छिड़काव करवाएं।
6. स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं: बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में मलेरिया टेस्ट (रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट या ब्लड स्मीयर) करवाएं और डॉक्टर की सलाह से दवा लें।
7. सामुदायिक जागरूकता: पड़ोसियों के साथ मिलकर सफाई अभियान चलाएं और नगर पंचायत से नियमित छिड़काव की मांग करें।
यदि लक्षण दिखें तो देरी न करें और तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। समय पर इलाज से मलेरिया पूरी तरह ठीक हो जाता है। स्थानीय प्रशासन से अपील है कि सैदपुर में तत्काल फॉगिंग और सफाई अभियान शुरू किया जाए ताकि और अधिक लोग प्रभावित न हों।




