हाथरस में नाले में मिला पत्रकार का शव, पहले दी थी जान की खतरे की शिकायत, पोस्टमार्टम में खुलासा हत्या से पहले बेरहमी से की गई पिटाई, कई हड्डियां टूटी

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक यूट्यूबर और स्थानीय पत्रकार वेदप्रकाश शर्मा उर्फ सोनू का शव मंगलवार को गंदे नाले से बरामद किया गया। शव पर कई जगह चोटों के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। मृतक की शिनाख्त दिल्ली वाला मोहल्ला, सदर कोतवाली क्षेत्र के निवासी रामप्रकाश शर्मा के पुत्र वेदप्रकाश शर्मा उर्फ सोनू के रूप में हुई है। वह हाथरस की गली जय राधे में रहते थे और यूट्यूब पर पत्रकारिता करते थे।
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सोनू कल शाम घर से टहलने निकले थे, लेकिन रात भर घर नहीं लौटे। सुबह उनके शव को हाथरस के शादाबाद-सैपू रोड के पास नागला ब्राह्मण क्षेत्र में बहते गंदे नाले में पड़ा पाया गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक शव पर चोटों के निशान हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बेरहमी से पिटाई का खुलासा हुआ है, जिसमें कई हड्डियां टूटी होने की बात कही जा रही है।
सोनू ने कुछ दिन पहले ही जान को खतरा बताया था
घटना की गंभीरता इस बात से बढ़ जाती है कि सोनू ने कुछ दिन पहले (लगभग 4-5 दिन पूर्व) सदर कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने अपनी जान को खतरा होने की बात कही थी और कुछ लोगों के नाम लेकर कहा था कि अगर उनके साथ कुछ हुआ तो वे जिम्मेदार होंगे। पुलिस पर आरोप है कि इस शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं की गई और सुरक्षा नहीं प्रदान की गई।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और जांच की मांग
शव मिलने की खबर के साथ एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि शव पर चोटों के निशान हैं और यह हत्या का मामला है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छिड़ गई है। कई यूजर्स और पत्रकारों ने तुरंत निष्पक्ष जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
पत्रकारों में आक्रोश, एसपी कार्यालय पर प्रदर्शन
इस घटना से हाथरस के पत्रकार समुदाय में भारी आक्रोश फैल गया है। सैकड़ों पत्रकारों ने हाथरस एसपी कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया और आरोपियों के तुरंत एनकाउंटर तथा लापरवाह पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सोनू ने पहले ही खतरे की सूचना दी थी, फिर भी पुलिस की लापरवाही से उनकी जान चली गई।
एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चौकी इंचार्ज और बीट कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है। कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। एसपी ने पत्रकारों को आश्वासन दिया है कि जल्द गिरफ्तारी होगी।
पुलिस की जांच जारी
हाथरस पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी है। फिलहाल मौत का कारण हत्या प्रतीत हो रहा है, लेकिन अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस ने कहा है कि शिकायत और आसपास के सीसीटीवी फुटेज आदि की जांच की जा रही है।
यह घटना उत्तर प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल उठा रही है। स्थानीय स्तर पर जांच के साथ-साथ उच्च स्तरीय निगरानी की मांग भी की जा रही है।




