हेट स्पीच मामले में आजम खान को बड़ी राहत: रामपुर MP/MLA कोर्ट ने सबूतों के अभाव में किया बरी
ख़बर भारत डेस्क

रामपुर, 19 दिसंबर 2025: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान को एक बार फिर कानूनी मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है। रामपुर की विशेष MP/MLA कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) ने 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान भड़काऊ भाषण देने के आरोप में दर्ज मामले में उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। कोर्ट ने फैसले में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में असफल रहा और ठोस सबूत पेश नहीं कर सका।
यह मामला 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान का है। आम आदमी पार्टी के तत्कालीन प्रदेश प्रवक्ता फैसल खान लाला ने 2 अप्रैल 2019 को रामपुर की शहर कोतवाली में आजम खान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 29 मार्च 2019 को सपा कार्यालय पर दिए गए एक भाषण में आजम खान ने तत्कालीन जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ भड़काऊ और अभद्र टिप्पणियां की थीं। भाषण की एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसमें आजम खान कथित तौर पर अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगा रहे थे।
इसके बाद चुनाव आचार संहिता उल्लंघन और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस जांच के बाद आरोप पत्र दाखिल किया गया और मामला MP/MLA स्पेशल कोर्ट में चला। दोनों पक्षों की लंबी बहस और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद कोर्ट ने सबूतों के अभाव में आजम खान को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
हालांकि इस फैसले से आजम खान को राहत मिली है, लेकिन वे फिलहाल जेल में ही हैं। 17 नवंबर 2025 को एक अन्य मामले (पुत्र अब्दुल्लाह आजम खान से जुड़े दो पैन कार्ड मामले) में MP/MLA कोर्ट ने उन्हें सात साल की सजा सुनाई थी, जिसके कारण वे रामपुर जेल में बंद हैं। आजम खान के खिलाफ दर्ज दर्जनों मुकदमों में से कई अभी विचाराधीन हैं।
समाजवादी पार्टी के समर्थकों ने इस फैसले को न्याय की जीत बताया है, जबकि राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यह आजम खान की कानूनी लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है।




