Ghazipur

सपा के प्रदेश सचिव खेदन सिंह यादव ने सैदपुर में पद से दिया इस्तीफा, अखिलेश यादव, विधायक व संगठन पर लगाए गंभीर आरोप

आकाश पाण्डेय, गाज़ीपुर

 

सैदपुर (गाज़ीपुर) – समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव और जिला पंचायत सदस्य खेदन सिंह यादव ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा देकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने सैदपुर विधायक, उनके प्रतिनिधि व पिता, पार्टी संगठन और स्वयं सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

सैदपुर के रावल मोड़ स्थित महमदपुर गांव निवासी खेदन सिंह यादव ने नगर में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि वह पार्टी के क्रियाकलापों, संगठनात्मक कार्यशैली और विधायक अंकित भारती की निष्क्रियता से खिन्न होकर इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह समाजवादी पार्टी में बने रहेंगे, लेकिन प्रदेश सचिव पद से हट रहे हैं।

खेदन यादव ने कहा कि उनके एक पारिवारिक विवाद में विधायक अंकित भारती के पिता और पूर्व प्रतिनिधि ओमप्रकाश भारती ने थाने में उनके खिलाफ खुलकर पैरवी की, जो बेहद आपत्तिजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में जब उन्होंने ओपी भारती को विधायक का प्रतिनिधि बताया था, तभी से उनके बीच मतभेद शुरू हो गए। ओपी भारती खुद को विधायक कहलवाने की इच्छा रखते हैं, जिसे लेकर पार्टी की मासिक बैठकों में भी दबाव बनाया गया कि उन्हें ‘विधायक जी’ कहा जाए।

उन्होंने कहा कि विधायक अंकित भारती क्षेत्र में दिखाई ही नहीं देते और जब वह स्वयं गांवों में जाकर जनसमस्याएं सुनते हैं तो हर जगह जनता का विधायक को लेकर गुस्सा ही देखने को मिलता है। खेदन यादव ने यह भी आरोप लगाया कि विधायक ने पार्टी के 3-4 कार्यकर्ताओं पर एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज करवाए हैं, जो पार्टी हित में नहीं है।

खेदन सिंह यादव ने कहा कि उन्होंने इन सभी मुद्दों को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव को व्यक्तिगत रूप से मिलकर लिखित शिकायत सौंपी थी, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। इससे उन्हें पार्टी नेतृत्व से भी गहरी नाराज़गी है। उन्होंने जिलाध्यक्ष गोपाल यादव पर भी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया और बताया कि 5 तारीख को उन्हें कप्तान साहब से पता चला कि ओपी भारती उनके खिलाफ पैरवी कर रहे हैं, जिसकी सूचना जिलाध्यक्ष को दी गई थी, पर वहां से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

उन्होंने इस बात से इनकार किया कि वे किसी अन्य दल में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे सपा में ही रहेंगे, लेकिन फिलहाल अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं क्योंकि वर्तमान परिस्थितियों में वे ईमानदारी से कार्य नहीं कर पा रहे।

यह घटनाक्रम न केवल सैदपुर क्षेत्र बल्कि पूरी पार्टी संगठन में चर्चाओं का विषय बन गया है। अब यह देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इस इस्तीफे और आरोपों पर क्या रुख अपनाता है।

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