शिवपुर में रामलीला: चित्रकूट में राम-वाल्मीकि मिलन की भावपूर्ण लीला ने मोहा मन

वाराणसी। शिवपुर में श्री रामलीला सेवा समिति द्वारा आयोजित भव्य रामलीला सनातन धर्म की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर रही है। बुधवार को चित्रकूट में भगवान राम और महर्षि वाल्मीकि के मिलन का भावपूर्ण प्रसंग मंचित हुआ, जिसने दर्शकों को भक्ति रस में डुबो दिया। प्रभु श्री राम की जय-जयकार के बीच गुरु-शिष्य के प्रेम और भक्ति का अनुपम दृश्य दर्शकों को भाव-विभोर कर गया।
रामचरितमानस के मानस वचनों के माध्यम से इस लीला को सजीव करने वाले भोलानाथ शर्मा ने बताया कि भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण ने चित्रकूट में वाल्मीकि आश्रम में विश्राम किया था। यहीं महर्षि वाल्मीकि ने तपस्या कर संस्कृत में रामायण की रचना की। चित्रकूट, भगवान राम के वनवास का पवित्र और महत्वपूर्ण स्थल है, जहां उन्होंने लंबा समय बिताया।
शिवपुर रामलीला का उद्देश्य सनातन धर्म को प्रचारित करना और नई पीढ़ी को प्रभु राम के जीवन मूल्यों से जोड़ना है। यह आयोजन भक्ति और संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। आयोजन को सफल बनाने में समिति के उपाध्यक्ष विकास सिंह, मंत्री संतोष मिश्रा, कोषाध्यक्ष आर.एन. सिंह, पृथ्वीराज शर्मा, सुधांशु पांडेय, पार्षद बलराम प्रसाद कनौजिया, एडवोकेट दीपक मिश्रा सहित सभी कार्यकारिणी सदस्यों और शिवपुर के राम भक्तों की भूमिका सराहनीय रही।
रामलीला की ख्याति को काशी, प्रदेश और देशभर में फैलाने में परफेक्ट मिशन न्यूज़ पेपर के संवाददाता व समिति के वरिष्ठ मीडिया प्रभारी आनंद तिवारी, रवि प्रकाश बाजपेई (रिंकू), और वीरेंद्र पटेल अपनी लेखनी के माध्यम से रामकाज को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं।




