Ghazipur: छठ पर्व का माहौल ग़म में बदला, गोमती नदी में डूबने से इकलौते बेटे की मौत
मदद के लिए अधिकारियों को लगाते रहे फोन, लेकिन जिलाधिकारी गाजीपुर व उपजिलाधिकारी सैदपुर, कोतवाल सैदपुर का नही उठा सीयूजी नम्बर

अंकित मिश्रा, गाज़ीपुर
गाज़ीपुर। खानपुर थानाक्षेत्र के अमेहता गांव में रविवार को दिन में करीब दस बजे गांव के सामने गोमती नदी में स्नान करते समय अनुराग मिश्र के पुत्र अविरल मिश्रा के गहरे पानी में चले जाने से डूब कर मौत हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव की तलाश शुरू कर दिया। ग्रामीणों के प्रयास से करीब पांच घंटे बाद शव को नदी से निकालकर स्थानीय नीजी नर्सिंग होम में इलाज के लिए ले जाया गया जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
थानाध्यक्ष खानपुर राजीव पांडेय ने बताया घटना संज्ञान में है। परिजनों के आग्रह पर शव का पंचनामा कर उन्हें दे दिया गया। परिजनों ने का अंतिम संस्कार कर दिया। थानाध्यक्ष खानपुर राजीव पांडेय ने बताया गांव के तीन बच्चे अविरल मिश्रा, भूमि मिश्रा पुत्री अनुराग मिश्र निवासी अमेहता थाना खानपुर गाजीपुर सोना पुत्री नौसाद निवासी हरिहरपुर थाना चौबेपुर वाराणसी तीनो गोमती नदी में स्नान कर रही थी नहाते समय तीनों अचानक गहरे पानी में चले छठ पूजा के लिए वना रहे बेदी युवक विशाल और आशीष ने देख लिया नदी में कूद कर भूमि और सोना को किसी प्रकार बाहर निकाला। बाहर निकलते ही भूमि ने अपने भाई के डूबने की बात बताई गांव के और युवकों ने उसकी तलाश शुरू कर दिया। काफी प्रयास के बाद पांच घंटे के बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदत से शव को बाहर निकालने में सफलता मिली।
समय रहते मिली होती अधिकारियों से मदद तो शायद बच सकता था अविरल
गोमती नदी में अविरल के डूबने की खबर मिलते ही परिजन एनडीआरएफ और गोताखोरों के लिए स्थानीय प्रशासन से मदद की गुहार लगाने लगे, थानाध्यक्ष खानपुर राजीव कुमार पांडेय ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम को सूचना दी गई है लेकिन जब परिजन एनडीआरएफ के वाराणसी यूनिट के कंट्रोल रूम में फोन लगाया तो उन्होंने बताया कि हमे कोई जानकारी नहीं है।
वही उंसके बाद परिजन उपजिलाधिकारी सैदपुर के सीयूजी नम्बर पर फोन लगाना शुरू किए लेकिन उनका भी फोन नही लगा, फिर जिलाधिकारी गाजीपुर से मदद के लिए फोन लगाया गया तो उनका भी फोन नही उठा, कुछ समय बाद पता चला कि सैदपुर में गोताखोर है कोतवाली पुलिस को सूचना दी जाएगी तो शायद मिल जाय लेकिन कोतवाल सैदपुर का भी सीयूजी नम्बर नही लगा। अन्ततः परिजन खुद वाराणसी के ढकवा (कैथी) से दो गोताखोरों को लेकर पहुँचे और उनके पहुँचते ही कुछ समय मे शव को बाहर निकाल दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्राधिकारी सैदपुर भी मौके पर पहुँच गये। लेकिन तब तक अविरल की मौत हो चूंकि थी।




