एडीजी जीआरपी ने डीडीयू स्टेशन का निरीक्षण, बिहार चुनाव के मद्देनजर दिए कड़े निर्देश, शराब तस्करी पर बोले- “शिकायत मिली तो सीधे नपेंगे जीआरपी प्रभारी”
रंधा सिंह, चन्दौली

चन्दौली, पं० दीनदयाल नगर। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के अपर पुलिस महानिदेशक प्रकाश डी० ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय (मुगलसराय) जंक्शन का औचक निरीक्षण किया, जहां उन्होंने बिहार चुनाव के मद्देनजर ट्रेनों के जरिए हो रही शराब तस्करी पर अपनी नाराजगी जाहिर की और कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए ।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि डीडीयू स्टेशन के माध्यम से बिहार में शराब तस्करी की कोई भी घटना सामने आती है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी जीआरपी प्रभारी की होगी और उन पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
यात्री सुरक्षा और अपराध नियंत्रण पहली प्राथमिकता
शुक्रवार को जीआरपी थाने के निरीक्षण के दौरान एडीजी प्रकाश डी ने कहा कि डीडीयू स्टेशन से रोजाना 350 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं, और ऐसे में यात्रियों के सामान की सुरक्षा तथा बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाना सुरक्षा एजेंसियों की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जहरखुरानी जैसी घटनाओं के प्रति विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बिहार में 11 नवंबर को होने वाले चुनाव का जिक्र करते हुए ट्रेनों में नियमित तलाशी अभियान चलाने और आरपीएफ के साथ समन्वय बनाकर सीसीटीवी कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया।
जीआरपी ने मीडिया को नहीं दी एडीजी के आने की सूचना
अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) रेलवे, प्रकाश डी, के पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के दौरे को मीडिया से दूर रखा गया। जानकारी के अनुसार, उनके आने-जाने के कार्यक्रम के बारे में राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की ओर से मीडियाकर्मियों को कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी।
सुरक्षा और समन्वय पर जोर
निरीक्षण के बाद, एडीजी ने मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) उदय सिंह मीना और सीनियर कमांडेंट जथिन बी राज के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की। इस बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि डीडीयू मंडल के अंतर्गत बिहार के कई जिले आते हैं, जहां विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, इसलिए इन क्षेत्रों में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए कड़ी निगरानी आवश्यक है।
बैठक में यात्री सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर बल दिया गया। इस पूरे दौरे के दौरान मीडिया को कार्यक्रम से दूर रखा गया, जिससे जीआरपी की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं ।




