Chandauli

The Gurukulam School फिर विवादों के घेरे में: म्यूजिक टीचर पर छात्रा से छेड़खानी का गंभीर आरोप

चंदौली के अलीनगर इलाके में स्थित प्रतिष्ठित संस्थान पर एक बार फिर सवालिया निशान, परिजनों ने पुलिस को सौंपी लिखित शिकायत

रंधा सिंह, चन्दौली

 

चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 19 पर स्थित द गुरुकुलम स्कूल एक नई मुसीबत में फंस गया है। स्कूल के म्यूजिक शिक्षक पर एक नाबालिग छात्रा ने छेड़खानी का संगीन इल्जाम लगाया है। परिजनों की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में स्कूल की प्रधानाचार्या पर भी आरोपी को बचाने और घटना को दबाने का आरोप जड़ा गया है।

यह मामला स्कूल की विश्वसनीयता पर गहरा आघात है, जहां पहले भी शिक्षकों की हिंसा और नाम बदलने जैसे विवाद सामने आ चुके हैं।

घटना का पूरा विवरण: स्कूल वैन में शुरू हुई नाबालिग के साथ छेड़खानी

घटना की जड़ स्कूल की रोजमर्रा की दिनचर्या में छिपी है। पीड़िता छात्रा हर दिन स्कूल वैन से घर आती-जाती थी। आरोपी म्यूजिक टीचर धीरज भी इसी वाहन से आता जाता था। परिजनों के अनुसार, पिछले एक हफ्ते से धीरज छात्रा के साथ अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ कर रहा था।

जब छात्रा ने हिम्मत जुटाकर इसकी शिकायत स्कूल की प्रधानाचार्या से की तो उम्मीद के विपरीत कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। इसके बजाय, प्रधानाचार्या ने मामले को रफा-दफा करने का दबाव डाला। परिजनों का दावा है कि शिकायत मिलते ही आरोपी को स्कूल के पीछे के गेट से फरार करवा दिया गया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें और जांच बाधित हो।

पुलिस की भूमिका पर उठते सवाल: क्या बड़े संस्थान का है दबाव?

परिजनों ने अलीनगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई में देरी ने संदेह पैदा कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि स्कूल एक बड़ा शिक्षण संस्थान होने के कारण अधिकारियों में हिचक दिख रही है।

नाबालिग छात्रा की मां ने तहरीर में साफ कहा कि उनकी बेटी की सुरक्षा अब खतरे में है और तुरंत एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया जाए। हालांकि, पुलिस ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे स्थानीय लोग आक्रोशित हैं। यह स्थिति न सिर्फ पीड़िता के परिवार बल्कि पूरे इलाके में असुरक्षा की भावना फैला रही है।

स्कूल का पुराना रिकॉर्ड: विवादों की लंबी है फेहरिस्त

द गुरुकुलम स्कूल का यह पहला विवाद नहीं है। पहले वाराणसी के रविंद्रपुरी इलाके से आए एक छात्र के साथ शिक्षकों ने मारपीट की थी। छात्र के पिता ने घटना के समय ही 112 पुलिस को कॉल कर शिकायत की, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

इससे पहले स्कूल ‘दी गुरुकुलम’ नाम से चल रहा था, जो अवैध रूप से संचालित होने के आरोप में घिरा। अधिकारियों की सख्ती के बाद नाम बदलकर ‘द गुरुकुलम’ कर लिया गया। ये पुराने मामले स्कूल प्रबंधन की लापरवाही और जवाबदेही की कमी को उजागर करते हैं, जो अब छात्रों की सुरक्षा पर भारी पड़ रहे हैं।

प्रबंधन का पक्ष: सीसीटीवी जांच का वादा, लेकिन कितना विश्वसनीय?

स्कूल की प्रधानाचार्या प्रियंका मुखर्जी ने मीडिया से बातचीत में मामले की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलते ही सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी गई है।

“दोषी साबित होने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी,” मुखर्जी ने आश्वासन दिया। हालांकि, परिजनों और स्थानीय लोगों में यह भरोसा कम है, क्योंकि पहले के मामलों में भी ऐसे वादे हवा में उड़ गए थे। अब सबकी नजरें पुलिस और स्कूल प्रबंधन की अगली कदम पर टिकी हैं।

यह घटना न सिर्फ एक स्कूल की समस्या है, बल्कि पूरे शिक्षा जगत में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत को रेखांकित करती है। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे मामले और बढ़ सकते हैं।

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