
ख़बर भारत डेस्क
आज़मगढ़। नशे के खिलाफ रेलवे पुलिस की सख़्ती एक बार फिर देखने को मिली। गोदान एक्सप्रेस में चेकिंग के दौरान आज़मगढ़ जीआरपी ने चार लावारिस ट्रॉली बैगों से 33 बंडलों में रखी कुल 900 शीशियां ओनरेक्स कफ सिरप बरामद की हैं। बरामद कफ सिरप की बाजार कीमत लगभग दो लाख रुपये बताई जा रही है। यह सिरप विंग्स कंपनी का है और 100 मिलीलीटर पैक में पैक किया गया था।
बरामद बैगों में एक मोबाइल फोन और कुछ कपड़े भी मिले हैं, जिनकी मदद से पुलिस सिरप के वास्तविक मालिक तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
रेलवे पुलिस की बड़ी कार्रवाई
अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी., पुलिस महानिरीक्षक रेलवे मोदक राजेश डी. और पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र के निर्देशन में रेलवे में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
एएसपी रेलवे सविरत्न गौतम के पर्यवेक्षण में थाना जीआरपी आज़मगढ़ प्रभारी नासिर हुसैन अपनी टीम और ट्रेन स्कॉर्ट कर्मचारियों के साथ ट्रेन संख्या 11056 गोदान एक्सप्रेस में चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान जनरल कोच में चार ट्रॉली बैग — दो लाल, एक हरे, एक आसमानी और एक बैगनी रंग का पिट्ठू बैग — संदिग्ध हालत में मिले।
जब पुलिस ने उन्हें खोला, तो अंदर ओनरेक्स कफ सिरप की दर्जनों शीशियां भरी हुई थीं।
क्या कहती हैं ड्रग इंस्पेक्टर
ड्रग इंस्पेक्टर सीमा वर्मा ने बताया —
“ओनरेक्स कफ सिरप प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन इसकी बिक्री केवल चिकित्सक के पर्चे पर अनुमन्य है। सिरप में प्रयुक्त तत्वों की मात्रा और गुणवत्ता की पुष्टि लैब जांच के बाद ही होगी।”
विशेषज्ञों की राय
मंडलीय अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र विमल ने कहा —
“ओनरेक्स कफ सिरप में दवा को संरक्षित रखने वाले रसायन मानक से अधिक मात्रा में मिलाए जाने पर यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसका नशे के रूप में दुरुपयोग गंभीर चिंता का विषय है।”
पुलिस जांच जारी
जीआरपी टीम ने बरामद सिरप और मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि यह खेप ट्रेन में किस स्टेशन से चढ़ाई गई थी और इसे किसे भेजा जाना था।




