वाराणसी में ‘लव जिहाद’ का नया शिकार बनी हिन्दू युवती, पहचान छुपाकर किया शोषण, विरोध करने पर घर मे घुसकर जानलेवा हमला
नीरज सिंह, वाराणसी

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘लव जिहाद’ के खिलाफ सख्त कानून लागू करने के दावों के बीच वाराणसी में एक दलित युवती पर पहचान छुपाकर शोषण और फिर हिंसक हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
घटना कैंट थानांतर्गत की है, जहां नदेसर क्षेत्र में ‘मुरादाबादी बिरयानी’ की दुकान पर आने वाली एक हिंदू लड़की राधा (नाम गोपनीयता हेतु बदला गया) से सऊद की मुलाकात हुई। सऊद ने खुद को ‘शान सिंह’ बताकर राधा से दोस्ती की और धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ाईं। दोनों के बीच घूमना-फिरना और साझा पल बीतने लगे, लेकिन जब राधा को सऊद की असली पहचान—कि वह मुस्लिम समुदाय से है—का पता चला, तो उसने दूरी बना ली और मिलना बंद कर दिया।
इससे बौखलाए सऊद ने राधा को परेशान करना शुरू कर दिया और उसके जान-पहचान वालों को फोन कर बदनाम करने लगा, जिसकी जानकारी राधा को मिली। राधा ने जब सऊद से इसके बारे में पूछने उसके दुकान पर गई, जहां वह मौजूद नहीं था तो फोन करके उसको इसके बारे में न करने को कहा गया जिससे दोनों में कहा सुनी हो गई। उसके बाद राधा अपने साथी के साथ बाजार से सामान खरीद कर जब घर लौट रही थी और अपने घर के सीढ़ियां चढ़ रही थी तभी सऊद ने अपने चार-पांच साथियों के साथ कलछुल, रॉड और अन्य हथियारों से लैस होकर राधा और उसके साथी राधा पर हमला करने पहुंचे। मारपीट के दौरान रॉड का एक वार राधा के दोस्त के सिर पर लगा, जिससे उसका सिर फट गया और खून बहने लगा। चीख-पुकार मचने पर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। और राधा ने मामले क्यों गंभीरता को देखते हुए पुलिस को 112 पर सूचित किया मौके पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को लेकर थाने गए। जहां पीड़ित कोई थाने पर बैठा लिया गया और हम लोगों को छोड़ दिया गया।
पहचान छुपाकर फंसाया जाल, अवैध संबंधों का खुलासा
राधा कुमारी, जो एक ट्रैवेल एजेंसी चलाती हैं, ने बताया कि वह अक्सर विपक्षी शान सिंह उर्फ सऊद की बिरयानी दुकान पर ऑर्डर देने जाती थीं। इससे दोनों की जान-पहचान हो गई और नजदीकियां बढ़ीं। लेकिन जल्द ही राधा को पता चला कि सऊद असल में मुस्लिम समुदाय से हैं और ‘शान सिंह’ नाम का इस्तेमाल कर हिंदू लड़कियों को फंसाने का इतिहास रहा है। राधा ने बताया कि, “मुझे उसके कई अन्य लड़कियों और महिलाओं से अवैध संबंधों की जानकारी मिली। पता करने पर यह भी पता चला कि वह लड़कियों और शादीशुदा महिलाओं के साथ सिर्फ शारीरिक शोषण नहीं बल्कि आर्थिक शोषण भी करता है। जब मैं दूरी बनाने लगीं, तो उसने समाज में मुझे बदनाम करना शुरू कर दिया।”
रात के अंधेरे में पांच-छह साथियों संग जानलेवा हमला
घटना की डिटेल्स चौंकाने वाली हैं। मार्केट से खरीदारी कर घर लौटते समय राधा और उसके साथी जब किराये के मकान की सीढ़ियों तक पहुंचे, तभी सऊद अपने पांच-छह अज्ञात साथियों के साथ पहुंच गया। आरोप है कि उन्होंने दोनों पर लोहे के रॉड कलछुल और हाथों से जानलेवा हमला किया। जिसकी वजह से राधा के मित्र को सिर, हाथ और आंतरिक चोटें आईं, जबकि राधा के साथ भी मारपीट हुई, उसके हाथ पर डंडे से मार के निशान साफ देखे जा सकते है। बीच-बचाव के लिए तैनात गार्ड व अन्य लोगों ने हस्तक्षेप किया, जिससे हमलावर भाग निकले। जाते-जाते उन्होंने “जान से मार देंगे” की धमकी दी।
राधा ने तुरंत 112 नंबर पर कॉल की, जिसपर चौकी के लोगों ने पीड़ित को ही थाने पर बैठा दिया और हमलावर को छोड़ दिया। पीड़िता ने बताया कि “विपक्षीगण आपराधिक किस्म के हैं और इलाके में नाजायज गोलबंदी रखते हैं। उनका मनोबल बढ़ा हुआ है, क्योंकि पहले भी ऐसे मामलों में नरमी बरती गई।”
‘लव जिहाद’ जैसे सख्त कानून के बावजूद ‘सॉफ्ट’ रुख क्यो?
उत्तर प्रदेश में ‘लव जिहाद’ विरोधी कानून (उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध विवाह निषेध अधिनियम, 2020) के तहत पहचान छुपाकर शादी या संबंध बनाने पर सख्त सजा का प्रावधान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद कई बार ऐसे मामलों पर जीरो टॉलरेंस की बात कही है। लेकिन इस घटना ने सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि दलित और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के खिलाफ ऐसे अपराधों में पुलिस की सुस्ती आम है।
एक स्थानीय रहवासी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “यह गुंडागर्दी का खुला प्रदर्शन है। सऊद जैसे लोग समाज को बांटने का काम कर रहे हैं, और कानून का डर ही नहीं है। अगर तुरंत गिरफ्तारी न हुई, तो यह अन्य मामलों को बढ़ावा देगा।” पुलिस ने अभी तक कोई FIR दर्ज करने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन थाना कैंट के अधिकारी ने बताया कि जांच जारी है।
लड़कियों से शोषण करने वाले सऊद का पुराना है आपराधिक इतिहास
रामपुर जिले के निवासी सऊद उर्फ शान कई वर्षों से वाराणसी के नदेसर इलाके में ‘मुरादाबादी बिरयानी’ नामक दुकान चला रहा है। अपनी आकर्षक पर्सनालिटी और चालाकी के बल पर वह शहर की दर्जनों हिंदू लड़कियों के संपर्क में आ चुका है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सऊद खुद को ‘शान’ नामक हिंदू युवक बताकर सोशल मीडिया और दुकान पर आने वाली ग्राहकों से दोस्ती करता है। एक बार नजदीकियां बढ़ने पर वह शारीरिक संबंध स्थापित कर लेता है, लेकिन बाद में अपनी असली पहचान उजागर होने पर पीड़िताओं को धमकियां देना शुरू कर देता है। इसका ऐसा ही मामला 2021 में रामपुर का है जहां एक 17 वर्षीय नाबालिग के साथ शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने तथा उसी नाबालिग लड़की के साथ उसके भाई हबीब ने भी वीडियो डिलीट करने के नाम पर शोषण किया। ऐसे कई मामले है जिसमे लड़कियों/महिलाओं ने लोकलाज के भय से चुप्पी साध ली। ऐसे में समाज मे ऐसे हैवान की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

पीड़िता की मांग: सख्त कार्रवाई और सुरक्षा
राधा ने मांग की है कि सऊद और उसके साथियों के खिलाफ जानलेवा हमला, धमकी, SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज हो। साथ ही, उन्हें और साथी को सुरक्षा प्रदान की जाए। इलाके के निवासियों में डर का माहौल है।
यह मामला न केवल लव जिहाद की कड़वी सच्चाई उजागर करता है, बल्कि प्रशासन की जवाबदेही पर भी सवाल उठाता है। क्या स्थानीय पुलिस का ‘सॉफ्ट’ रुख जारी रहेगा, या यह घटना बदलाव का संकेत बनेगी? आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।




