
आरिफ़ अंसारी, वाराणसी
वाराणसी, 7 मार्च 2026: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दुर्गाकुंड में चिकित्सकों की टीम ने एक जटिल और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर 75 वर्षीय मरीज समद (बिहार निवासी) को नई जिंदगी प्रदान की है। इसकी जानकारी ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. प्रवीण कुमार ने दी।
मरीज समद सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। किसी ऑटो से टक्कर लगने के कारण उनके दोनों पैरों की हड्डियां फ्रैक्चर हो गई थीं। दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें पहले बीएचयू अस्पताल पहुंचाया, जहां जांच के दौरान उन्हें हेपेटाइटिस-बी पॉजिटिव पाया गया। इस स्थिति के कारण उन्हें आगे के उपचार के लिए रेफर कर दिया गया।
इसके बाद समद को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुर्गाकुंड में भर्ती कराया गया। यहां डॉ. प्रवीण कुमार और उनकी टीम ने विस्तृत परीक्षण एवं आवश्यक जांचों के बाद ऑपरेशन का निर्णय लिया। दोनों पैरों में फ्रैक्चर होने के साथ-साथ मरीज के हेपेटाइटिस-बी पॉजिटिव होने के कारण यह सर्जरी चिकित्सकीय दृष्टि से अत्यंत चुनौतीपूर्ण थी। संक्रमण के जोखिम, रक्तस्राव की संभावना और जटिल फ्रैक्चर को देखते हुए ऑपरेशन में विशेष सावधानी बरती गई।
चिकित्सकों की दक्षता, टीमवर्क और समर्पण के बल पर ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति संतोषजनक है और वे धीरे-धीरे अपने पैरों पर खड़े होने लगे हैं।
इस सफलता पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश प्रसाद ने चिकित्सकों की टीम की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जटिल उपचार उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डॉ. प्रसाद ने आगे कहा कि दुर्गाकुंड सीएचसी के चिकित्सकों ने अपने समर्पण और कुशलता से यह साबित कर दिया है कि जनपद के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
यह सफलता न केवल मरीज और उनके परिवार के लिए राहत की बात है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की क्षमता और समर्पित चिकित्सकों के योगदान का भी एक बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करती है।




