
गाजीपुर। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत गाजीपुर जिले में टीबी उन्मूलन की दिशा में सराहनीय काम हो रहा है। इसी क्रम में कल गाजीपुर में आयोजित एक समारोह में सैदपुर ब्लॉक के सीनियर ट्यूबरकुलोसिस लेबरेटरी सुपरवाइजर (STLS) महताब खान को विशिष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
यह प्रशस्ति पत्र गाजीपुर के एमएलसी विशाल सिंह चंचल और जिलाधिकारी अविनाश कुमार द्वारा महताब खान को सौंपा गया। महताब खान सैदपुर के दोनों ब्लॉकों (सैदपुर और देवकली) में कार्यरत हैं और उनके नेतृत्व एवं प्रयासों से इन क्षेत्रों में टीबी मुक्त गांवों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
महताब खान ने बताया कि देवकली ब्लॉक के करीब 16 गांवों और सैदपुर ब्लॉक के 8 गांवों को टीबी मुक्त बनाने में सफलता मिली है। यह उपलब्धि सामूहिक प्रयास का नतीजा है।
महताब खान ने पूरा क्रेडिट अपने वरिष्ठ अधिकारियों और स्टाफ को देते हुए कहा, “इस काम को अकेले करना मुश्किल था। यहां के अधीक्षक संजीव सिंह और उनके पूरे स्टाफ का सहयोग मिला, तभी यह संभव हो पाया। देवकली ब्लॉक के अधीक्षक डॉक्टर एस.के. सरोज और उनके समस्त स्टाफ को भी मैं धन्यवाद देता हूं। इनके अथक प्रयासों और सहयोग के बिना 16 गांवों (देवकली) और 8 गांवों (सैदपुर) को टीबी मुक्त बनाना संभव नहीं होता।”
टीबी मुक्त अभियान का महत्व:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘टीबी मुक्त भारत 2025’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए गाजीपुर जिला प्रशासन सक्रिय रूप से काम कर रहा है। विभिन्न ब्लॉकों में स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहनों और स्थानीय स्टाफ के समन्वय से स्क्रीनिंग, जांच, उपचार और फॉलो-अप पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सैदपुर और देवकली ब्लॉक में महताब खान जैसे समर्पित कर्मचारियों के प्रयासों से अब तक कुल 24 गांव टीबी मुक्त घोषित किए जा चुके हैं।
जिलाधिकारी अविनाश कुमार और एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने ऐसे कर्मचारियों को सम्मानित कर अन्य अधिकारियों और स्टाफ को भी प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग का काम नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
महताब खान जैसे फील्ड वर्कर्स के योगदान से गाजीपुर जिला टीबी मुक्त बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने, मरीजों को नियमित दवा उपलब्ध कराने और नई संक्रमण को रोकने में इन प्रयासों की अहम भूमिका है।
यह प्रशस्ति पत्र न केवल महताब खान के व्यक्तिगत प्रयासों को मान्यता देता है, बल्कि पूरे टीम वर्क की भी सराहना करता है। गाजीपुर जिले में ऐसे और कई समर्पित स्वास्थ्य कर्मी टीबी मुक्त अभियान को सफल बनाने में लगे हुए हैं।




