Varanasi

गंगा में राजघाट पुल से युवक ने लगाई छलांग, एनडीआरएफ ने बचाई जान

 

वाराणसी। गंगा नदी में छलांग लगाने वाले एक युवक की जान 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम ने गुरुवार को साहसिक बचाव अभियान चलाकर बचा ली। राजघाट ब्रिज के पास हुई इस घटना में एनडीआरएफ के जवान बिना समय गंवाए नदी में कूद पड़े और डूबते युवक को सफलतापूर्वक बाहर निकाला।

गुरुवार को 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ की टीम गंगा नदी में नियमित जल गश्त पर तैनात थी। राजघाट ब्रिज के पास गश्त के दौरान अचानक एक युवक ने नदी में छलांग लगा दी। टीम के सदस्यों ने तुरंत स्थिति को भांप लिया और बिना किसी देरी के बचाव कार्य शुरू कर दिया।

एनडीआरएफ के बचावकर्ताओं ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए गहरे पानी में छलांग लगा दी। अन्य टीम सदस्यों के साथ मिलकर उन्होंने डूब रहे युवक को पकड़ा और उसे सुरक्षित रूप से जल से बाहर निकाला।

रेस्क्यू के दौरान की गई NDRF की कार्यवाही

बचाव के दौरान पाया गया कि युवक पूरी तरह प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था। एनडीआरएफ की टीम ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया। इसमें शामिल थे:

– युवक के मुंह और नाक से पानी निकालना
– सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रदान करना
– अन्य जीवन रक्षक उपाय अपनाना

प्राथमिक उपचार और चिकित्सा सहायता के बाद युवक को घाट के किनारे सुरक्षित जगह पर लाया गया। वहां टीम ने उसकी स्थिति सामान्य होने तक लगातार निगरानी रखी और आवश्यक सहायता प्रदान की।

एनडीआरएफ अधिकारी का बयान

एनडीआरएफ के उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा ने इस घटना पर कहा, “एनडीआरएफ की टीमें गंगा नदी में निरंतर और नियमित जल गश्त करती रहती हैं। घटना के समय गश्त कर रही हमारी टीम ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। बचावकर्ता ने बिना समय गंवाए गहरे पानी में छलांग लगा दी और अन्य लोगों के साथ मिलकर युवक को सुरक्षित बाहर निकाला।”

उन्होंने आगे कहा कि रेस्क्यू के दौरान युवक की हालत गंभीर थी, लेकिन टीम के पेशेवर तरीके से किए गए प्रयासों से उसकी जान बचाई जा सकी।

बचाए गए युवक की स्थिति

बचाए गए युवक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। एनडीआरएफ टीम ने उसे सुरक्षित घाट पर लाकर उसकी देखभाल की। उसकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।

एनडीआरएफ की तारीफ

इस साहसिक बचाव कार्य की मौके पर मौजूद लोगों ने खूब सराहना की। उन्होंने एनडीआरएफ के जांबाज बचावकर्ताओं की वीरता और पेशेवर कार्यकुशलता को देखते हुए उनका आभार व्यक्त किया।

उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि एनडीआरएफ द्वारा किया गया यह त्वरित, साहसिक और अत्यंत पेशेवर बचाव अभियान बल की उत्कृष्ट कार्यकुशलता, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता तथा सेवा और सुरक्षा के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता को एक बार फिर साबित करता है।

एनडीआरएफ की भूमिका

गंगा नदी में आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एनडीआरएफ की 11वीं वाहिनी लगातार जल गश्त करती रहती है। इस तरह की घटनाओं में टीम की त्वरित कार्रवाई कई बार लोगों की जान बचा चुकी है।

वाराणसी के राजघाट क्षेत्र में गंगा नदी में ऐसी घटनाएं कभी-कभी होती रहती हैं, लेकिन एनडीआरएफ की सतर्कता और तैयारियों के कारण ज्यादातर मामलों में जानमाल की हानि को रोका जा सका है।

 

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