IPS Mohit Agrawal: वाराणसी पुलिस कमिश्नर का बड़ा एक्शन, पुलिस इंस्पेक्टर सहित 12 को किया निलंबित
वाराणसी के कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने लापरवाही और कर्तव्यहीनता पर सख्त रुख अपनाते हुए की बड़ी कार्रवाई

वाराणसी। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी के कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने लापरवाही और कर्तव्यहीनता पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। वरुणा जोन के थानों की समीक्षा के बाद अब थाना कैण्ट, शिवपुर और लालपुर-पाण्डेयपुर का अर्दली रूम (विस्तृत समीक्षा बैठक) आयोजित कर कुल 12 पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई 9 अप्रैल 2026 को हुई, जिसमें विवेचनाओं में अत्यधिक देरी, शिकायतों के असंतोषजनक निस्तारण, वारंट तामील में लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी जैसे गंभीर मुद्दों पर नकेल कसी गई।
अर्दली रूम के दौरान पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कैन्ट सर्किल के तीनों थाने कैण्ट, शिवपुर और लालपुर-पाण्डेयपुर के समस्त उपनिरीक्षकों के कार्य-प्रदर्शन की गहन समीक्षा की। समीक्षा में लंबित विवेचनाओं, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य संकलन, BW/NBW की तामील एवं गिरफ्तारी, बिना नंबर वाली गाड़ियों की सीजिंग तथा विपरीत दिशा में चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई की स्थिति का विस्तार से जायजा लिया गया। पाया गया कि इन 12 निरीक्षक, उप निरीक्षक के पास 60 दिनों से भी अधिक समय से विवेचनाएं लंबित पड़ी थीं। शिकायती प्रार्थना पत्रों का निस्तारण संतोषजनक नहीं था, नॉन-बेलेबल वारंट (NBW) में गिरफ्तारियां नगण्य रहीं और यातायात उल्लंघनों पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई थी, जबकि उच्चाधिकारियों द्वारा समय-समय पर ऐसे अभियान चलाए जाते रहे हैं।
निलंबित किए गए पुलिस कर्मियों में थाना कैण्ट से निरीक्षक संतोष पासवान, उपनिरीक्षक आशीष श्रीवास्तव, भैरव श्रीवास्तव, मुन्ना यादव, जमुना प्रसाद तिवारी और प्रवेश कुन्तल शामिल हैं। थाना शिवपुर से उपनिरीक्षक अशोक कुमार सिंह, कोमल यादव और आशीष कुमार सिंह तथा थाना लालपुर-पाण्डेयपुर से उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार गुप्ता, कोमल कुमार गुप्ता और विजेन्द्र सिंह निलंबित किए गए हैं। इन सभी पर विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अब कोई भी विवेचना 60 दिनों से अधिक लंबित नहीं रहनी चाहिए। सभी प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। गंभीर अपराधों से संबंधित मामलों में साक्ष्य संकलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा BW/NBW वारंटों की त्वरित तामील कर वांछित अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी की जाए।
यातायात व्यवस्था को लेकर भी कमिश्नर ने कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि थाना क्षेत्रों में अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। अवैध रूप से खड़े वाहनों को चिन्हित कर क्रेन के माध्यम से तत्काल हटाया जाए और नियमानुसार दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। ट्रैफिक पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित और जाममुक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
इसके अलावा, SID (Site Investigation Diagram) निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। पुलिस आयुक्त ने सभी लंबित SID को शीघ्र पूरा करने और प्रत्येक अभियोग में समय से SID तैयार कर सिस्टम में अपलोड करने के सख्त निर्देश दिए, ताकि अपराध विश्लेषण और निगरानी अधिक प्रभावी हो सके।
इस अर्दली रूम के दौरान अपर पुलिस आयुक्त अपराध श्री आलोक प्रियदर्शी, पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन प्रमोद कुमार, अपर पुलिस उपायुक्त नीतू कादयान, सहायक पुलिस आयुक्त कैण्ट अपूर्व पाण्डेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल का यह सख्त रवैया वाराणसी पुलिस व्यवस्था में अनुशासन, जवाबदेही और जनसेवा की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों और पुलिसकर्मियों दोनों स्तर पर इस कार्रवाई का स्वागत किया जा रहा है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि लापरवाही बरतने वालों पर भविष्य में भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




