Chandauli: गंगा कटान से गांवों पर मंडराया विनाश का खतरा, प्रशासन की अनदेखी पर ग्रामीणों में आक्रोश
धानापुर में पांच गांव गंगा की चपेट में, हजारों बीघा जमीन निगली

चंदन सिंह, चंदौली
चंदौली जिले के धानापुर विकासखंड में गंगा कटान ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। नौघरा, बुद्धपुर, दिया, प्रसहता और गुरैनी गांव इसकी जद में हैं। हजारों बीघा उपजाऊ खेत गंगा में समा चुके हैं। नौघरा गांव से कभी तीन किलोमीटर दूर बहने वाली गंगा अब मात्र 50 मीटर की दूरी पर पहुंच गई है। ग्रामीणों को डर है कि जल्द ही पूरा गांव नदी में विलीन हो जाएगा।
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पूर्व विधायक का दौरा: योगी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप
घटना की जानकारी मिलते ही सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने नौघरा और बुद्धपुर गांवों का दौरा किया। प्रभावित किसानों से बातचीत के बाद उन्होंने योगी सरकार और स्थानीय विधायक पर गंभीर आरोप लगाए। डब्लू ने कहा, “प्रदेश सरकार और उनके विधायक को किसानों से कोई सरोकार नहीं है। कटान रोकने के लिए लगाए गए बोल्डर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए।”
सपा vs भाजपा: बोल्डरों की कहानी
मनोज सिंह डब्लू ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार में जमानिया में लगाए गए बोल्डर आज भी मजबूत हैं, जबकि चंदौली में भाजपा शासन में लगे बोल्डर कुछ ही महीनों में गंगा में बह गए। उन्होंने बीजेपी नेताओं पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें किसी का डर नहीं है।
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जलस्तर घटा, कटान बढ़ा: किसानों की बेबसी
गंगा का जलस्तर घटने से धारा की गति तेज हो गई है, जिससे कटान की रफ्तार बढ़ी है। सैकड़ों किसानों की उपजाऊ जमीनें नदी में विलीन हो चुकी हैं। नौघरा के किसान राकेश यादव ने बताया, “जलस्तर घटते ही कटान तेज हो गया। दो दशक से हम अधिकारीयों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं। दिन-रात आंखों के सामने खेत गंगा में समा रहे हैं।”
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प्रशासन निष्क्रियता से ग्रामीणों में आक्रोश
किसानों का कहना है कि खेतों का रकबा लगातार घट रहा है और गांव के डूबने का खतरा बढ़ता जा रहा है। बावजूद इसके शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों में आक्रोश है कि उनकी पुश्तैनी जमीन बचाने के लिए कोई योजना नहीं बनाई जा रही।




