News

Chandauli: स्टेडियम निर्माण में भ्रष्टाचार, कवरेज करने गए पत्रकार पर ठेकेदार का हमला, मोबाइल तोड़ा-मारपीट

नीरज सिंह

 

चंदौली जनपद के धानापुर विकासखंड के हिंगुतर गढ़ गांव में स्टेडियम निर्माण में घटिया ईंटों के इस्तेमाल की खबर कवरेज करने गए एक पत्रकार पर ठेकेदार और उसके गुर्गों ने क्रूर हमला बोल दिया। पत्रकार वीडियो बना रहे थे तभी हमलावरों ने उनका मोबाइल तोड़ दिया, वीडियो डिलीट करने की कोशिश की और गाली-गलौज के साथ मारपीट की। यह घटना भ्रष्टाचार के खिलाफ पत्रकारिता पर बढ़ते खतरे की बानगी है।

घटना का पूरा विवरण

शनिवार को हिंगुतर गढ़ गांव में बन रहे स्टेडियम का जायजा लेने पहुंचे पत्रकार निर्माण स्थल पर दोयम दर्जे की ईंटों का वीडियो बना रहे थे। अचानक ठेकेदार और उसके 4-5 गुर्गे वहां पहुंचे और पत्रकार को घेर लिया। उन्होंने मोबाइल छीनकर तोड़ दिया, रिकॉर्डिंग डिलीट करने का प्रयास किया तथा लात-घूसों से पीटा। चश्मदीदों के अनुसार, हमलावरों ने पत्रकार को धमकी दी कि भविष्य में ऐसी रिपोर्टिंग न करें।

 

स्टेडियम निर्माण में भ्रष्टाचार का खुलासा

हिंगुतर गढ़ स्टेडियम में सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। यहां दोयम दर्जे की ईंटें इस्तेमाल की जा रही हैं, जो टिकाऊ नहीं। क्षेत्र के युवाओं ने ईंटों को आपस में ठोककर उनकी खराब गुणवत्ता का वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसी वायरल वीडियो के आधार पर पत्रकार ने जमीनी सत्यापन के लिए स्थल का दौरा किया था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि निर्माण कार्य में सरकारी मानकों की अनदेखी हो रही है।

पूर्व विधायक ने की चौथे स्तंभ पर हमले की कड़ी निंदा

पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह ‘डब्लू’ ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि चंदौली में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और अपराधियों का मनोबल बुलंद है। ‘डब्लू’ ने प्रशासन से तत्काल जांच कर ठेकेदार समेत हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा, “लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मीडिया सुरक्षित नहीं रहेगा तो जनता को न्याय कौन दिलाएगा?” पूर्व विधायक ने पहले भी जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ कई मुद्दे उठाए हैं।

आगे की कार्रवाई और प्रभाव

पत्रकार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय प्रशासन ने मौन साध रखा है। यह घटना न केवल पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करती है, बल्कि ग्रामीण विकास योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं से भविष्य में रिपोर्टिंग प्रभावित हो सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button