DGP UP के एक्शन से महकमे में हडकंप: 5 थाना प्रभारियों को लाइन हाजिर, 2 सीओ के खिलाफ जांच
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने सड़क हादसों की बढ़ती संख्या पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। उन्होंने पांच थाना प्रभारियों (एसएचओ) को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया है, जबकि दो सर्कल ऑफिसर (सीओ) ट्रैफिक के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू करने के आदेश दिए हैं।

नीरज सिंह, वाराणसी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्णा ने सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने पांच थाना प्रभारियों को लाइन हाजिर कर दिया और दो सर्कल ऑफिसर (सीओ) ट्रैफिक के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं।
यह कार्रवाई बुधवार को पुलिस मुख्यालय में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान की गई, जिसमें राज्य भर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।
समीक्षा बैठक का विवरण
डीजीपी राजीव कृष्णा ने पुलिस मुख्यालय (सिग्नेचर बिल्डिंग) में यूपी के सभी पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में पुलिस मुख्यालय से जुड़े सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि पुलिस कमिश्नर, एडीजी जोन, आईजी/डीआईजी रेंज और जिलों के एसएसपी/एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
बैठक में कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक शिकायतों का निस्तारण, जांच की गुणवत्ता और खासतौर पर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम पर चर्चा हुई। डीजीपी ने जीरो फैटैलिटी डिस्ट्रिक्ट (ZFD) अभियान की समीक्षा की, जिसमें कुछ थाना क्षेत्रों में दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि पाई गई।
इन थाना प्रभारियों को लगी लाइन हाजिर की सजा
5 थाना क्षेत्रों में सड़क हादसों की ज्यादा बढ़ोतरी पाए जाने पर डीजीपी ने निम्नलिखित थाना प्रभारियों (एसएचओ/इंस्पेक्टर) को तत्काल लाइन हाजिर करने के आदेश दिए:
– वाराणसी कमिश्नरी — चोलापुर थाना प्रभारी दीपक कुमार
– गोरखपुर जिला — कैम्पियरगंज थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह
– कन्नौज जिला — छिबरामऊ थाना प्रभारी विष्णुकांत तिवारी
– बाराबंकी जिला — रामसनेहीघाट थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद शुक्ला
– जौनपुर जिला — सिकरारा थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह
ये सभी थाने ऐसे क्षेत्रों में हैं जहां हाल के समय में सड़क दुर्घटनाओं में काफी वृद्धि दर्ज की गई है।
दो CO ट्रैफिक के खिलाफ प्रारंभिक जांच
डीजीपी ने ट्रैफिक प्रबंधन में लापरवाही बरतने के आरोप में दो सर्कल ऑफिसर (सीओ) ट्रैफिक के खिलाफ प्रारंभिक जांच (Preliminary Inquiry) शुरू करने के आदेश भी दिए हैं:
– बाराबंकी — सीओ ट्रैफिक अलोक कुमार पाठक
– जौनपुर — सीओ ट्रैफिक गिरेंद्र कुमार सिंह
डीजीपी का सख्त संदेश
डीजीपी राजीव कृष्णा ने स्पष्ट संदेश दिया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य सरकार के जीरो फैटैलिटी लक्ष्य को हासिल करने के लिए ट्रैफिक प्रवर्तन को और सख्त बनाया जाएगा।
बैठक में 20 जिलों में यातायात सुधार के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की भी चर्चा हुई, साथ ही उन थानों पर नजर रखने का निर्देश दिया गया जहां दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
यह कार्रवाई यूपी पुलिस में जवाबदेही सुनिश्चित करने और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में डीजीपी राजीव कृष्णा के सख्त रवैये को दर्शाती है। आगे की जांच रिपोर्ट आने के बाद अतिरिक्त कार्रवाई हो सकती है।




