Ghazipur: अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ की बैठक: टीईटी मुक्ति के लिए ‘शिक्षक की पाती’ अभियान शुरू
आकाश पाण्डेय, गाज़ीपुर

गाजीपुर, 14 मार्च 2026: अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के तत्वावधान में जनपद गाजीपुर के सभी घटक संगठनों की एक महत्वपूर्ण बैठक श्री जयप्रकाश पांडेय जी की अध्यक्षता में URC महुआबाग, गाजीपुर में आयोजित की गई। बैठक में प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशानुसार शिक्षकों की प्रमुख मांग टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) से मुक्ति को लेकर गहन चर्चा हुई।
बैठक में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारियों में विशिष्ट बीटीसी जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. दुर्गेश प्रताप सिंह, विशिष्ट बीटीसी महामंत्री श्री प्रमोद उपाध्याय, विजय नारायण यादव, आनंद सिंह अटेवा (जिला महामंत्री), मानवेंद्र सिंह अटेवा (जिला प्रवक्ता), डॉ. वीरेंद्र यादव (बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष), विनय उपाध्याय एवं महामंत्री पुनीत कांत त्रिपाठी (यूटा महामंत्री अखिलेश सिंह), TSCT जिला अध्यक्ष जगदीश प्रसाद, TSCT जिला प्रवक्ता अभिषेक गौरव, TSCT मीडिया प्रभारी आनंद सिंह, TSCT जिला संयोजक अखिलेश सिंह, अंतर्जनपदी अध्यक्ष जनार्दन सिंह, एआरपी संघ वरुण दुबे, तपसा के अरविंद यादव, नीरज सिंह, धनंजय सिंह, अजय श्रीवास्तव तथा अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार पांडे और संयुक्त मंत्री मनोज राय जी सहित अन्य गणमान्य शिक्षक नेता मौजूद रहे।
बैठक में प्रांतीय स्तर से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में ‘शिक्षक की पाती’ अभियान के तहत पोस्टकार्ड एवं ई-मेल के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री जी, राष्ट्रपति जी, मुख्यमंत्री जी, शिक्षा मंत्री जी तथा माननीय उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को टीईटी मुक्ति की गुहार लगाई गई। यह अभियान प्रदेश भर में चल रहे टीईटी अनिवार्यता विरोधी आंदोलन का हिस्सा है, जिसमें शिक्षकों का कहना है कि RTE एक्ट 2009 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर TET लागू करना उनके सेवा नियमों का उल्लंघन है।
इसके अतिरिक्त बैठक में जिला इकाई का गठन भी किया गया, जिससे संगठन को और मजबूती मिलेगी तथा शिक्षकों की मांगों को प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा।
शिक्षक नेताओं ने एकजुट होकर कहा कि टीईटी मुक्ति तक संघर्ष जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। बैठक का समापन सभी शिक्षकों के उत्थान एवं शिक्षा व्यवस्था में सुधार की प्रतिबद्धता के साथ हुआ।




